IMD ने दिल्ली-UP समेत 18 राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर आफत

IMD ने दिल्ली-UP समेत 18 राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर आफत

मैदानी इलाकों में मानसून की गतिविधियों में कुछ समय की खामोशी के बाद अब मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार से देशव्यापी स्तर पर व्यापक वर्षा के एक नए और बेहद आक्रामक दौर की भविष्यवाणी की है। मौसम एजेंसी ने देश के 18 राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गंभीर चेतावनी (Weather Warning) जारी की है।

IMD के मुताबिक, अगले चार दिनों के दौरान उत्तरी और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह नवीनतम पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब कई पहाड़ी राज्यों में पहले से ही लगातार हो रही तीव्र वर्षा के कारण भूस्खलन (Landslides), अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) और राष्ट्रीय राजमार्गों के अवरुद्ध होने जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं।

इन 18 राज्यों में अगले 4 दिन बरसेगी आफत, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मौसम विभाग ने जिन 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी बारिश का बुलेटिन जारी किया है, वहां के निवासियों को स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने और सतर्कता बरतने को कहा गया है। इन क्षेत्रों में आने वाले घंटों में बारिश की तीव्रता अचानक बढ़ सकती है:

  • उत्तर और मध्य भारत: जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़।

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम? जानें ताजा अपडेट

IMD के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में पश्चिम बंगाल और बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो अगले 24 घंटों में राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही अंचलों में गरज-चमक और तेज बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, राजस्थान के बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों सहित कुछ हिस्सों में 14 और 15 जुलाई को हल्की बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी और तेज रफ्तार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

अगर देश की राजधानी दिल्ली की बात करें, तो दिल्ली मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा उलटफेर नहीं होगा। हालांकि, सोमवार को दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी। राष्ट्रीय राजधानी में इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

हिमाचल और उत्तराखंड में रेड अलर्ट, बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त

मैदानी इलाकों में जहां बारिश की वापसी हो रही है, वहीं हिमालयी राज्यों में भारी बारिश ने पहले ही तबाही मचा रखी है। कई पर्वतीय क्षेत्रों से बादल फटने (Cloudburst), भूस्खलन और पहाड़ों से चट्टानें खिसकने की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्रमुख संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं। कई संवेदनशील इलाकों में घरों, दुकानों और सार्वजनिक संपत्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

गंभीर स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के छह सबसे संवेदनशील जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है। इसके साथ ही उत्तराखंड में भी रेड अलर्ट लागू है। शासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही हैं क्योंकि लगातार होने वाली बारिश से ढलानों पर भूस्खलन और नदियों में अचानक बाढ़ आने का खतरा चरम पर पहुंच गया है।

जानिए मैदानी इलाकों में अचानक क्यों कमजोर पड़ गया था मानसून?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की अखिल भारतीय मौसम रिपोर्ट ने इस मानसून ब्रेक के पीछे की वैज्ञानिक वजह का भी खुलासा किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पड़ोसी देश पाकिस्तान से उठने वाली शुष्क और गर्म हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में फैल गई थीं। इस मौसमी बदलाव के कारण मानसूनी बादलों का रुख दिल्ली-NCR सहित उत्तरी मैदानी इलाकों से अस्थायी रूप से हटकर सीधे हिमालय की पहाड़ियों की ओर स्थानांतरित (Shift) हो गया था। इसी वजह से बीते दिनों मैदानी इलाकों में धूप और उमस बढ़ गई थी, जबकि पहाड़ी राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। अब यह मानसूनी ट्रफ दोबारा मैदानों की तरफ लौट रहा है।

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