चीन को मिट्टी में मिलाने की तैयारी! LAC पर सेना तैनात करने जा रही है ये 2 'ब्रह्मास्त्र'

चीन को मिट्टी में मिलाने की तैयारी! LAC पर सेना तैनात करने जा रही है ये 2 'ब्रह्मास्त्र'

भारतीय फौज और वायुसेना अब चीन (China) को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए अपनी सामरिक ताकत में भयंकर इजाफा करने जा रही हैं। चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और हिमालय के दुर्गम इलाकों में सैनिकों की पहुंच आसान बनाने के लिए सेना अपने पुराने हो चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों के बेड़े को रिटायर करने की तैयारी में है। इनकी जगह सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा तैयार किए जा रहे 200 स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) लेंगे, जिसके टेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

दरअसल, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों और हथियारों की तुरंत सप्लाई के लिए सेना को कुल 400 हल्के हेलीकॉप्टरों की सख्त दरकार है। इसी दिशा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में एक और बड़ा गेम-चेंजर फैसला लिया गया। इस अहम बैठक में 2.12 लाख करोड़ रुपये के बड़े रक्षा अधिग्रहण प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है, जिसकी सबसे खास बात यह है कि इसका 82 फीसदी हिस्सा 'मेक इन इंडिया' के तहत भारतीय उद्योगों से ही खरीदा जाएगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान को पंख लगाते हुए इस महा-बजट से सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट के लिए 335 अतिरिक्त 'K9 Vajra-T' सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोपों की खरीद को भी मंजूरी मिल गई है। 

आपको बता दें कि दक्षिण कोरियाई तकनीक पर आधारित इन खूंखार K9 वज्र तोपों का निर्माण भारत में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) करती है। करीब 50 टन वजनी और 155 मिमी/52-कैलिबर वाली ये आधुनिक तोपें महज एक मिनट में 6 से 8 गोले दागते हुए 40 से 50 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के ठिकानों को पल भर में राख करने का माद्दा रखती हैं। इन स्वदेशी हेलीकॉप्टरों और शक्तिशाली तोपों के सेना में शामिल होने से ना सिर्फ विदेशी हथियारों पर निर्भरता खत्म होगी, बल्कि आधुनिक युद्धक्षेत्र में भारतीय फौज की मारक क्षमता इतनी अचूक हो जाएगी कि किसी भी दुश्मन का टिक पाना नामुमकिन होगा।