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'सर, प्लीज तत्काल टिकट का कैप्चा ठीक करवा दो...' जयपुर में छात्रों की गुहार पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तुरंत मिलाया फोन

भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों और खासकर युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खुशखबरी सामने आई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के दौरे पर पहुंचे देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों की शिकायत पर ऑन-द-स्पॉट ऐसा एक्शन लिया, जिसने वहां मौजूद हर किसी का दिल जीत लिया। मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में जब छात्रों ने आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप और वेबसाइट पर टिकट बुक करते समय आने वाली तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा उठाया, तो रेल मंत्री ने बिना एक पल गंवाए मंच से ही सीधे रेलवे के आला अधिकारियों को फोन मिला दिया। इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों को एक बड़ा सरप्राइज देते हुए एलान किया कि आगामी 15 जुलाई तक पूरी तरह से नए अवतार में आईआरसीटीसी की चमचमाती और सुपरफास्ट वेबसाइट लॉन्च होने जा रही है।

आईआरसीटीसी कैप्चा और हैंग होने की समस्या से परेशान छात्रा ने लगाई गुहार, मंत्री ने फोन पर पूछा—'30 दिन में बना लेंगे क्या?'

सोशल मीडिया पर जयपुर के एमएनआईटी कॉलेज का एक वीडियो इस वक्त तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक छात्रा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने बेहद बेबाकी से अपनी परेशानी रखते हुए कह रही है, "सर प्लीज, आईआरसीटीसी में टिकट बुकिंग के समय आने वाली कैप्चा (Captcha) की परेशानी का कोई स्थायी समाधान करा दीजिए।" छात्रों के इस दर्द को रेल मंत्री ने तुरंत समझा और उन्होंने जेब से मोबाइल निकालकर सीधे जिम्मेदार अधिकारी को फोन लगा दिया। वीडियो में अश्विनी वैष्णव फोन पर अधिकारियों से बेहद कड़े और दोटूक लहजे में कहते सुनाई दे रहे हैं, "यहां जयपुर में सभी छात्रों की पुरजोर मांग है कि आईआरसीटीसी की एक नई और हाई-टेक वेबसाइट बननी चाहिए। क्या हम अगले 30 दिनों के अंदर इसे बनाकर तैयार कर लेंगे?" अधिकारियों से हरी झंडी मिलते ही उन्होंने मुस्कुराते हुए छात्रों को बताया कि आगामी 15 जुलाई तक आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट देश को समर्पित कर दी जाएगी।

तत्काल बुकिंग के समय हैंग होना और बार-बार ऑटो लॉग-आउट: इन 5 बड़ी दिक्कतों से मिलेगा परमानेंट छुटकारा

रेलवे टिकट बुक करने वाले यूजर्स को अक्सर आईआरसीटीसी की मौजूदा वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर कई गंभीर और सिरदर्द बढ़ाने वाली दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा भयंकर स्थिति सुबह 10 और 11 बजे तत्काल टिकट बुकिंग के सुनहरे समय पर आती है, जब भारी ट्रैफिक लोड के कारण वेबसाइट या तो कछुए की रफ्तार से चलने लगती है या पूरी तरह हैंग हो जाती है। इसके अलावा, पेमेंट गेटवे पर पैसे कट जाने के बाद भी टिकट बुक न होना और रिफंड के लिए हफ्तों इंतजार करना, लॉग-इन करते समय सही कैप्चा कोड को भी बार-बार गलत बताना, ऐप का अपने आप लॉग-आउट हो जाना और स्क्रीन पर सीट खाली दिखने के बावजूद अंतिम पेमेंट स्टेप पर पहुंचते ही वेटिंग लिस्ट थमा देना जैसी तकनीकी कमियों से यात्री बुरी तरह आजिज आ चुके हैं। रेल मंत्री के इस नए एलान के बाद माना जा रहा है कि नई वेबसाइट में इन सभी खामियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिए पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा, जिससे अगस्त महीने से टिकट मिलना बेहद आसान हो जाएगा।

जयपुर के MNIT को रेल मंत्री की बड़ी सौगात, देश की सुरक्षा के लिए बनेगी एडवांस क्वांटम कंप्यूटिंग लैब

आईआरसीटीसी के इस बड़े एलान के साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के होनहार छात्रों के लिए एक और बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा एमएनआईटी परिसर में एक अत्यंत आधुनिक 'एडवांस क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम संचार प्रयोगशाला' (Advanced Quantum Computing Lab) स्थापित की जाएगी। यह हाई-टेक लैब पूरी तरह से डेटा को सुरक्षित भेजने, हैकिंग को रोकने और एडवांस टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करने का काम करेगी, जो रणनीतिक रूप से हमारे देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। रेल मंत्री ने एमएनआईटी के शोधकर्ताओं और छात्रों से आह्वान किया कि वे पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करें और भारत को इस तकनीक में आत्मनिर्भर बनाएं।

एआई के बाद अब क्वांटम टेक्नोलॉजी की आएगी अगली बड़ी वैश्विक लहर, युवाओं को तैयार रहने की सलाह

संस्थान के आधिकारिक बयान के अनुसार, रेल मंत्री ने छात्रों को भविष्य की बदलती हुई तकनीकों के प्रति जागरूक करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण गुरुमंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया भर में जो तकनीकी और डिजिटल क्रांति चल रही है, उसका नेतृत्व पूरी तरह से एआई (Artificial Intelligence) कर रहा है। लेकिन आने वाले समय में दुनिया के भीतर जो अगली सबसे बड़ी और विनाशकारी या रचनात्मक तकनीकी लहर आएगी, उसका नेतृत्व पूरी तरह से क्वांटम प्रौद्योगिकी (Quantum Technology) के हाथों में होगा। अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एमएनआईटी जयपुर में जो भी रिसर्च और कार्य किया जाएगा, वह आने वाले दशकों में भारत के भविष्य को तय करने और उसे दुनिया का तकनीकी सुपरपावर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

 

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