जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं, मास्क, सेनेटाइजर और दो गज की दूरी, अभी भी जरूरी: पांडेय

कोविड-19  के दिन-प्रतिदिन बढ़ते मामलों के बीच समुदाय  को इससे सुरक्षित रखने के लिए जन जागरूकता पर खास जोर दिया जा रहा है। 

गाजियाबाद, 04 अक्टूबर यूपी किरण। कोविड-19  के दिन-प्रतिदिन बढ़ते मामलों के बीच समुदाय  को इससे सुरक्षित रखने के लिए जन जागरूकता पर खास जोर दिया जा रहा है। जिला अधिकारी डा. अजय शंकर पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग  भी लोगों को खुद सुरक्षित रहने के साथ ही परिवार को भी सुरक्षित रखने की तरकीब समझाने में जुटे हैं।
अभियान के उद्देश्य से समुदाय के बीच पहुँच रहे सभी विभागों के लोग कोविड-19 से बचने के  बारे में जरूरी एहतियात बरतने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पोषण माह, कृमि मुक्ति अभियान (28 सितम्बर से 7 अक्टूबर 2020) और अब संचारी रोग नियंत्रण माह के दौरान आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ ही शिक्षक भी समुदाय के बीच पहुंच रहे हैं। यह लोग पंचायत प्रतिनिधियों के जरिये संबंधित अभियान के साथ ही कोविड-19 से बचाव  के बारे में भी घर-घर लोगों को बता रहे हैं। फिलहाल कोरोना से बचने के तीन मूल मन्त्र दिए जा रहे हैं।
पहला, जब भी घर से  बाहर निकलें  तो मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह से ढंककर रखें। दूसरा, किसी से भी मिलें या बैठक करें तो दो गज की दूरी बनाकर रखें और तीसरा, हाथों को स्वच्छ रखें यानि साबुन-पानी से अच्छी तरह बार-बार धुलते रहें या सेनेटाइजर से साफ़ करें। उनको हाथों को धुलने का सही तरीका भी बताया जा रहा है।  यह बात भलीभांति समझाई जा रही है कि जब तक इसकी कोई दवाई या वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक किसी तरह की ढिलाई न बरतने में ही सभी की भलाई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित महिलाओं के स्वयं सहायता समूह मास्क बनाकर लोगों को मुहैया करा रहे हैं और पहनते और उतारते समय बरती जाने वाली सावधानी जैसे हाथों को अच्छी तरह धुलकर ही मास्क की डोरी पकड़कर ही पहनें और डोरी पकड़कर ही उतारें और अच्छी तरह से धुलकर ही दोबारा इस्तेमाल करें। मास्क को कभी सामने से न छुएं। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर स्वास्थ्य जाँच व जरूरी सेवाएं मुहैया कराने के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए गुनगुना पानी पीने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए रसोई में मौजूद हल्दी, धनिया, जीरा, लहसुन, अदरक आदि के इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है।
खानपान पर भी जरूरी टिप्स दिए जा रहे हैं ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे और कोरोना के वार से शरीर सुरक्षित रहे, क्योंकि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनको ही सबसे पहले यह अपनी चपेट में लेता है। बच्चों, गर्भवती और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। लोगों को शारीरिक श्रम के साथ ही योग और व्यायाम को भी अपनाने की सलाह दी जा रही है क्योंकि इससे भी प्रतिरोधक क्षमता बढती है और शरीर स्वस्थ रहता है। कोरोना की चपेट में आने वालों के संपर्क में आने वालों की पहचान (कान्टेक्ट ट्रेसिंग) और उनकी जांच पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि संक्रमण की श्रृंखला को आसानी से तोड़ा जा सके।

 

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