OMG: इस देश में दौड़ती है दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन, रफ्तार जानकर रह जाएंगे आप

नई दिल्ली: दुनिया की अब तक की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेनों के बारे में तो आपने सुना ही होगा लेकिन आज तक आपने दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन के बारे में नहीं सुना होगा. आज हम आपको दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसकी गति लगभग एक साइकिल के बराबर होती है। दरअसल, दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन स्विट्जरलैंड में है। इस ट्रेन का नाम ग्लेशियर एक्सप्रेस है।

आपको बता दें कि ग्लेशियर एक्सप्रेस ट्रेन स्विट्जरलैंड की ऊंची पहाड़ियों पर चलती है। दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन स्विट्जरलैंड में रामार्ट और सेंट मोरिट्ज़ स्टेशनों के बीच चलती है। यूं कहें कि यह एक एक्सप्रेस ट्रेन है, जिसकी स्पीड सामान्य ट्रेनों से ज्यादा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं है क्योंकि इस ट्रेन की स्पीड करीब 29 किलोमीटर प्रति घंटा है।

यानी ग्लेशियर एक्सप्रेस 10 घंटे में करीब 290 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इसी वजह से ग्लेशियर एक्सप्रेस को दुनिया की सबसे धीमी एक्सप्रेस ट्रेन कहा जाता है। आपको बता दें कि इस ट्रेन की शुरुआत साल 1930 में ऊंची पहाड़ियों के बीच की गई थी। शुरुआती दिनों में यह ट्रेन सिर्फ गर्मी के मौसम में ही चलती थी, क्योंकि जिस इलाके में यह ट्रेन चलती है वहां जबरदस्त बर्फबारी होती है।

इसलिए बर्फीली पहाड़ियों में कोई आना-जाना नहीं करता था। उस समय इस ट्रेन में यात्री डिब्बे लगाए गए थे, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती थी. ऊंची पहाड़ियों के बीच से गुजरते समय यात्रियों को शौचालय की भी सुविधा नहीं मिली। हालांकि, समय के साथ इसमें कई सुधार किए गए। आपको बता दें कि धीमी ट्रेन होना कोई गर्व की बात नहीं है, लेकिन यह दर्जा मिलने के बाद स्विस लोगों से लेकर दुनिया भर के पर्यटक इसका अनुभव करने के लिए आने लगे हैं।

ट्रेन से यात्रा के दौरान करीब 290 किमी के रास्ते में जहां हरी-भरी या बर्फीली पहाड़ियां नजर आती हैं। वहीं यह ट्रेन 91 सुरंगों और 291 पुलों से होकर गुजरती है, जो हर किसी का मन मोह लेती है. पहाड़ियों से गुजरते समय कभी-कभी ऊँची और नीची ढलानें भी आ जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को खास तरह की वाइन दी जाती है, ताकि उन्हें पेट दर्द या उल्टी की शिकायत न हो. दरअसल इस ट्रेन से सफर करना रोमांच से भरपूर होता है। इसलिए बहुत से लोग इस ट्रेन में पर्यटन के लिए यात्रा करते हैं, उन्हें कोई काम नहीं मिलता है और उन्हें इस ट्रेन में जाने में मजा आता है।