टोक्यो ओलंपिक में अपना राष्ट्रीय झंडा नहीं लहरा पाएंगे इस देश के खिलाड़ी, जानें क्यों

आपको बता दें कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने रूस पर चार साल का प्रतिबंध लगाया हुआ है

रूस टोक्यो ओलंपिक में एक और नए नाम के अंतर्गत भाग ले रहा है, जो खेलों की सबसे लंबे समय तक चलने वाली डोपिंग गाथा का ताजा परिणाम है। आप किसी भी पोडियम के ऊपर रूसी ध्वज नहीं देखेंगे लेकिन राष्ट्रीय रंग वर्दी पर हैं।

Tokyo Olympics

डोपिंग के पुराने और नए मामले अभी भी टीम पर छाया डालते हैं। टोक्यो टीम के दो तैराकों को वर्षों पुराने मामलों के लिए निलंबित कर दिया गया है और दो रोवर्स ने पिछले महीने सकारात्मक परीक्षण किया है। बता दें कि टोक्यो ओलंपिक में रूस का झंडा नहीं दिखेगा।

रीब्रांडिंग रूस

इस बार यह रूस या रूस के ओलंपिक एथलीट भी नहीं हैं। यह रूसी ओलंपिक समिति है। आधिकारिक तौर पर एथलीट अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे, लेकिन आरओसी और रूस के नाम, ध्वज और गान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि जब रूसी टीमें पूरे राष्ट्रीय रंग में हों तो अंतर को पहचानना मुश्किल होगा।

आपको बता दें कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने रूस पर चार साल का प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में रश्यिा कई बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएगा। वर्ष 2022 में कतर में होने वाले फुटबॉल विश्व कप में भी रूस हिस्सा नहीं ले पाएगा। इसके अलावा विंटर ओलिंपिक और पैरालिंपिक में भी भाग नहीं ले सकेगा। वहीं बैन की वजह से रूस अगले चार साल तक किसी भी तरह के मुख्य खेलों की मेजबानी भी नहीं कर पाएगा। वाडा का कहना है कि रूस पर इल्जाम था कि वह डोप टेस्ट के लिए अपने एथलीट्स के गलत सैंपल्स भेज रहा है और पड़ताल में ये सही भी पाया गया।

 

 

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