Up kiran,Digital Desk : दक्षिण के सियासी दुर्ग को भेदने के लिए भारतीय जनता पार्टी और एनडीए ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तमिलनाडु और पुडुचेरी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने ही वाला है। सियासी सूत्रों की मानें तो चुनाव आयोग इसी महीने के अंत तक तारीखों का ऐलान कर सकता है। इस चुनावी माहौल को और गरमाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च महीने में दो बार तमिलनाडु के रण में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। एनडीए का लक्ष्य साफ है—द्रमुक (DMK) के किले में सेंध लगाना और सत्ता में वापसी की राह आसान करना।
एनडीए का कुनबा हुआ मजबूत, पलानीस्वामी संभाल रहे कमान
तमिलनाडु की राजनीति में इस बार समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके (AIADMK) ने एनडीए गठबंधन को और धारदार बना दिया है। गठबंधन के ढांचे को अंतिम रूप देने का काम जोरों पर है। अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) और पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) जैसे प्रभावशाली क्षेत्रीय दलों की एंट्री ने एआईएडीएमके और भाजपा के हौसले बुलंद कर दिए हैं। एनडीए अब एक एकजुट शक्ति के रूप में स्टालिन सरकार को चुनौती देने के लिए तैयार खड़ा है।
मार्च में दो बड़ी रैलियों का मेगा प्लान
पीएम मोदी का तमिलनाडु दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि एनडीए के चुनाव प्रचार का 'शंखनाद' होगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रधानमंत्री 1 मार्च को मंदिरों के शहर मदुरै में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। मदुरै का यह दौरा दक्षिणी तमिलनाडु के वोट बैंक को साधने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इसके ठीक बाद, 6 मार्च को वेल्लोर में दूसरी बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है, जिसका मकसद उत्तरी और पश्चिमी तमिलनाडु में एनडीए के लिए समर्थन जुटाना है। इन रैलियों के जरिए पीएम मोदी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेंगे।
जनवरी में ही रख दी गई थी नींव
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले महीने 23 जनवरी को चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम में एनडीए की पहली बड़ी जनसभा को संबोधित कर चुनावी अभियान का आगाज कर दिया था। उस रैली में उमड़ी भीड़ ने विरोधियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी थीं। अब एनडीए की कोशिश है कि मार्च की रैलियों में इससे भी बड़ा जनसैलाब उमड़े। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जुटाने और पीएम का संदेश पहुंचाने में दिन-रात एक किए हुए हैं।
सीट शेयरिंग पर जल्द लगेगी मुहर
पीएम मोदी के दौरे से पहले गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) का पेंच सुलझाने की कवायद तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के मंच पर आने से पहले ही सभी घटक दलों के बीच सीटों का गणित तय कर लिया जाएगा, ताकि जनता के बीच एक मजबूत और एकजुट गठबंधन का संदेश जाए। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, तमिलनाडु का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है और पीएम मोदी की ये रैलियां चुनावी फिजा बदलने में निर्णायक साबित हो सकती हैं।




