img

Up kiran,Digital Desk : एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेलंगाना के भैंसा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार जातिगत भेदभाव को खत्म करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को पिछड़े वर्गों का सबसे बड़ा नेता बताते हैं, लेकिन उनकी सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए नियमों का बचाव तक नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और सरकार अदालत में इसे सही ठहराने में विफल रही, जिसके चलते इन नियमों पर रोक लग गई।

एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि यह वही सरकार है जो रोहित वेमुला की मौत और महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की मौत जैसे मामलों पर आज तक संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों से अपील की कि वे सरकार के दावों और हकीकत के बीच फर्क को समझें।

गौरतलब है कि यूजीसी के नए नियमों के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष समितियां और हेल्पलाइन बनाने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, इन नियमों को सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके बाद अदालत ने इन पर अंतरिम रोक लगा दी।

इसके साथ ही ओवैसी ने तेलंगाना में होने वाले नगर पालिका चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के बीच गुप्त समझौता हुआ है ताकि एआईएमआईएम को नुकसान पहुंचाया जा सके। ओवैसी का दावा है कि भैंसा के एक वार्ड में भाजपा ने अपना उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस का समर्थन किया है।

ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में 11 फरवरी को नगर पालिका चुनाव होने हैं और 13 फरवरी को मतगणना की जाएगी। इसे चुनावी माहौल में सियासी बयानबाजी के तौर पर भी देखा जा रहा है।