UP Kiran,Digital Desk: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक और गंभीर घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा के मुद्दों को फिर से सवालों के घेरे में ला दिया है। जिले के कोरंधा थाना इलाके में एक बुजुर्ग किसान की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद इस मामले में प्रशासन के उच्च अधिकारियों सहित चार लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
गांव में हंगामा: अवैध खनन के नाम पर हिंसा
पुलिस के मुताबिक, कुसमी क्षेत्र के SDM, करुण डहरिया और उनके तीन सहयोगी हंसपुर गांव में अवैध बॉक्साइट माइनिंग की जांच के नाम पर पहुंचे थे। घटना के दिन जब ये अधिकारी और उनके साथी गांव के नजदीक पहुंचे, तो उन्होंने गांव वालों पर माइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन के आरोप लगाकर उन्हें बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इस हिंसा में 62 वर्षीय राम उर्फ रामनरेश की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि आरोपियों ने दावा किया था कि उनका उद्देश्य इलाके में अवैध खनन की गतिविधियों को रोकना था, लेकिन इस बात की जांच की जा रही है कि उन्होंने निजी लोगों को साथ क्यों लिया।
राजनैतिक प्रतिक्रिया: भूपेश बघेल का प्रशासन पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे "एडमिनिस्ट्रेटिव टेररिज्म" करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, बीजेपी शासन के तहत प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों पर अत्याचार किया गया और यह घटना प्रदेश में प्रशासनिक तानाशाही का हिस्सा है।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "इस प्रकार के अत्याचार से यह साबित होता है कि बीजेपी सरकार और उसके अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और इस तरह के घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।"




