UP Kiran,Digital Desk: चीफ मिनिस्टर विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक ने राज्य के आगामी विधानसभा सत्र, किसानों को दिए जाने वाले भुगतान और राज्य के वित्तीय योजनाओं को लेकर कई अहम संकेत दिए।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी सत्र की रूपरेखा
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम् विधानसभा के अष्टम् सत्र (फरवरी–मार्च 2026) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को मंजूरी दे दी। यह अभिभाषण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को उजागर करेगा, और विधानसभा सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधायी और वित्तीय एजेंडों पर भी चर्चा होगी। राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की दिशा का रोडमैप भी पेश करेगी।
विनियोग विधेयक 2026: राज्य का बजट तैयार
राज्य सरकार ने बजट वर्ष 2026-27 के तहत छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दे दी है। इस विधेयक के माध्यम से सरकार को विभिन्न विभागों और योजनाओं पर खर्च करने की वैधानिक अनुमति मिलती है। वित्तीय वर्ष के पहले से ही यह संकेत मिल चुका है कि राज्य सरकार विकास, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं में तेजी लाने के लिए तैयार है। अब विधानसभा में इस विधेयक पर चर्चा की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।
किसानों को मिलेगा 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान
बैठक में लिया गया सबसे बड़ा निर्णय किसानों के हित में था। मंत्रिपरिषद ने यह तय किया कि होली से पहले धान के समर्थन मूल्य में अंतर की राशि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को एकमुश्त दी जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदारी की गई है। सरकार ने इस बार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की राशि होली से पहले सीधे किसानों के खातों में जमा करने का फैसला किया है। इस निर्णय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
कृषि क्षेत्र में सरकार की बड़ी पहल
छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि इस बार धान की खरीदी के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर किसानों को सबसे अधिक मूल्य मिल रहा है। पिछले दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पहले 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ कुल सहायता राशि लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। सरकार के अनुसार, यह कदम न केवल किसानों की आय को बढ़ाएगा बल्कि राज्य के कृषि क्षेत्र को भी मजबूत करेगा।


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