पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! हड़ताल वापस, सरकार ने मान ली अहम मांग

पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! हड़ताल वापस, सरकार ने मान ली अहम मांग

पंजाब में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर उतरे सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच बना टकराव आखिरकार खत्म हो गया है।

बुधवार को पंजाब सिविल सचिवालय में कर्मचारी संगठनों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के बीच चली मैराथन बैठक के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

हड़ताल वापस लेने पर राजी हुए कर्मचारी, सरकार रद्द करेगी नोटिस

मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता संपन्न हुई। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए आंदोलन को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके बदले में सरकार ने भी बड़ा कदम उठाते हुए स्पष्ट किया है कि हड़ताल खत्म होते ही कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए सभी कारण बताओ नोटिस (शोकॉज नोटिस) वापस ले लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त को हुई सांकेतिक हड़ताल के बाद गैरहाजिर रहे लगभग 2,500 कर्मचारियों को विभाग की ओर से शोकॉज नोटिस थमाए गए थे, जिसे रद्द कराने की मांग पर कर्मचारी संगठन लगातार अड़े हुए थे।

11 सितंबर तक सामूहिक अवकाश की थी तैयारी, बातचीत से सुलझा विवाद

कर्मचारी संगठनों ने पहले ऐलान किया था कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे 11 सितंबर तक सामूहिक अवकाश (मास कैजुअल लीव) पर रहेंगे। मूल योजना के मुताबिक कर्मचारियों ने केवल 8 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर वार्ता न होने और सरकार के कड़े रुख के कारण गतिरोध बढ़ता चला गया और कर्मचारियों ने हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला कर लिया था। मंगलवार को राज्य सरकार ने हड़तालियों पर नकेल कसते हुए 'नो वर्क, नो पे' का नियम लागू करने और अनुशासनहीनता पर सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिससे टकराव और गहराने की आशंका बन गई थी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होगी अगली बैठक, लंबित मांगों पर बनेगी बात

मुख्य सचिव के साथ सफल वार्ता के बाद प्रशासनिक कामकाज पटरी पर लौटने की उम्मीद है। दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझने के बाद अब कर्मचारी प्रतिनिधियों की अगली बैठक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ प्रस्तावित की गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली इस अहम बैठक में कर्मचारियों के वेतनमान, भत्तों, नियमितीकरण और सेवा शर्तों से जुड़ी अन्य मुख्य मांगों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान निकालने का प्रयास होगा।