राघव चड्ढा के 'एक्स-गर्लफ्रेंड' वाले बयान पर बरसे सीएम भगवंत मान: AAP सांसदों के BJP में जाने पर खोले अंदरूनी राज
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसदों के पाला बदलने और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया है। एक टीवी कॉन्क्लेव के दौरान सीएम मान ने पार्टी में हुई ऐतिहासिक टूट के पीछे के घटनाक्रम पर खुलकर बात की।
उन्होंने खुलासा किया कि सांसदों के भाजपा में शामिल होने की योजना की भनक उन्हें घटना से दो-चार दिन पहले ही लग गई थी। मान के मुताबिक, कुछ सांसदों ने उनसे सीधे संपर्क कर अपनी मजबूरी जताई थी कि उनके कारोबार और परिवारों पर जांच एजेंसियों और मुकदमों का भारी दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें भाजपा में जाने को मजबूर किया गया।
बता दें कि इसी साल अप्रैल में आम आदमी पार्टी के सात प्रमुख राज्यसभा सांसदों—राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजेंद्र गुप्ता, अशोक मित्तल और संदीप पाठक—ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस बड़े सियासी फेरबदल के बाद उच्च सदन (राज्यसभा) में आम आदमी पार्टी के पास अब केवल तीन सदस्य ही शेष रह गए हैं। इस टूट को लेकर जब राघव चड्ढा के चर्चित 'एक्स-गर्लफ्रेंड' वाले तंज पर सीएम मान से सवाल किया गया, तो उन्होंने कड़ा एतराज जताते हुए इसे महिला विरोधी सोच करार दिया। मान ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर एक्स-गर्लफ्रेंड का बर्ताव गलत हो सकता है, तो क्या एक्स-बॉयफ्रेंड हमेशा सही होते हैं? मुझे नहीं पता कि राघव चड्ढा खुद को किस भूमिका में देखते हैं।
राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पार्टी ने उन्हें बेहद कम उम्र में राज्यसभा भेजा और संसद में डिप्टी लीडर की बड़ी जिम्मेदारी देकर पूरा मान-सम्मान दिया था। मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें जो मुकाम दिया, अगर कोई उस सम्मान को संभाल नहीं पाए तो इसमें कोई दूसरा क्या कर सकता है। उन्होंने नसीहत देते हुए जोड़ा कि राजनीति में जो अवसर और आदर मिलता है, उसे विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए, न कि दबाव में आकर विचारधारा से समझौता करना चाहिए।