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डॉ. मीनाक्षी सुसाइड केस: मौत से पहले खुद निकाला था पति का नर्स संग आपत्तिजनक CCTV फुटेज

पंजाब के जालंधर से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे चिकित्सा जगत और आम जनता को स्तब्ध कर दिया है। कपूरथला के सरकारी अस्पताल में तैनात प्रख्यात महिला डॉक्टर मीनाक्षी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में हर दिन ऐसे खौफनाक खुलासे हो रहे हैं, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। इस पूरे मामले में अब एक ऐसा विवादित और आपत्तिजनक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसने मृतका के पति और जालंधर के नेशनल आई अस्पताल (National Eye Hospital) के मशहूर डॉक्टर पीयूष सूद को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में डॉक्टर पीयूष अस्पताल परिसर के अंदर ही एक नर्स के साथ बेहद आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रहा है, जिसे मौत से कुछ समय पहले खुद डॉ. मीनाक्षी ने कड़ी मशक्कत के बाद निकलवाया था।

शक होने पर खंगाले थे अस्पताल के कैमरे, आंखों के सामने आया पति की बेवफाई का काला सच

अक्टूबर 2018 में सात फेरे लेकर डॉक्टर पीयूष सूद के साथ शादी के बंधन में बंधी डॉ. मीनाक्षी के वैवाहिक जीवन में शुरुआत से ही दरारें पड़ने लगी थीं। मृतका के पिता प्रमोद ने मीडिया के सामने रोते हुए बताया कि दामाद पीयूष के अस्पताल में ही काम करने वाली एक लड़की (नर्स) के साथ काफी समय से नाजायज संबंध चल रहे थे। जब मीनाक्षी को अपने पति की हरकतों और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर गहरा शक हुआ, तो उसने अपने स्तर पर नेशनल आई अस्पताल के गोपनीय सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। कैमरों का बैकअप देखते ही मीनाक्षी के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उसमें डॉक्टर पीयूष उस नर्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में कैद था। पीड़ित परिवार का दावा है कि पति की इस घिनौनी करतूत और बेवफाई का यही पुख्ता वीडियो सबूत मीनाक्षी ने सुसाइड से पहले अपने पास सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब इंसाफ की गुहार लगाते हुए पुलिस प्रशासन को सौंप दिया गया है।

थार गाड़ी से लेकर अस्पताल तक के नाम पर लिया कर्ज, मीनाक्षी की सैलरी से कट रही थीं किश्तें

डॉ. मीनाक्षी की मां ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पीयूष न सिर्फ चरित्रहीन है, बल्कि वह उनकी बेटी के साथ अक्सर भयंकर मारपीट और क्रूरता करता था। हद तो तब हो जाती थी जब वह बेटी को बेरहमी से पीटने के बाद खुद फोन करके अपनी गलती मानता था। परिवार ने आर्थिक शोषण का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद पीयूष ने मीनाक्षी के नाम पर एक चमचमाती थार गाड़ी का लोन कराया था, जिसकी मोटी मासिक किश्तें मीनाक्षी अपनी सरकारी सैलरी से जबरन भर रही थी। मां के अनुसार, शुरुआत में उन्हें सिर्फ 45 लाख रुपये के कर्ज की जानकारी थी, जो गाड़ी और अस्पताल के विस्तार के नाम पर मीनाक्षी के नाम से लिया गया था। पीयूष के इस मानसिक और शारीरिक टॉर्चर से पूरी तरह तंग आकर डॉ. मीनाक्षी जुलाई 2025 से ही पति से अलग रहने लगी थीं।

बैंक जाने पर उड़ा होश: कागजों पर फर्जी दस्तखत कर मृतका के नाम पर निकाल रखे थे ₹2.5 करोड़!

अलग रहने के दौरान डॉ. मीनाक्षी अपनी जिंदगी की एक नई शुरुआत करना चाहती थीं। जून 2026 में वह अपने लिए एक नया और स्वतंत्र मकान खरीदने की प्लानिंग कर रही थीं। इसी सिलसिले में जब वह कुछ दिन पहले होम लोन की बात करने के लिए बैंक शाखा पहुंचीं, तो वहां के अधिकारियों की बात सुनकर उनके होश उड़ गए। बैंक रिकॉर्ड से खुलासा हुआ कि उनके नाम पर पहले से ही करीब ढाई करोड़ (2.5 करोड़) रुपये का भारी-भरकम लोन चल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन लोन के सरकारी कागजातों पर मीनाक्षी के असली दस्तखत भी नहीं थे। पति डॉ. पीयूष ने जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए पत्नी के जाली साइन के जरिए करोड़ों का कर्ज उठा रखा था, जिससे मीनाक्षी मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गईं और गहरे डिप्रेशन में चली गईं।

बंद कमरे में फर्श पर पड़ी मिली लेडी डॉक्टर की लाश, पुलिस बोली—पोस्टमार्टम के बाद साफ होगी कत्ल या खुदकुशी की गुत्थी

मृतका के पिता ने बताया कि करोड़ों के फर्जी लोन का सच सामने आने के बाद मीनाक्षी तुरंत कानूनी तौर पर कोर्ट से तलाक (डिवोर्स) लेना चाहती थीं। पिता ने बेटी को ढाढस बंधाते हुए कुछ समय इंतजार करने को कहा था, लेकिन पीयूष के टॉर्चर और इस भारी कर्ज के तनाव ने उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। मामले की तफ्तीश कर रहे एएसआई (ASI) सतपाल सिंह ने बताया कि यह घटना 52 केवल बिहार डेयरी के पास स्थित एक रिहायशी इलाके की है। पुलिस कंट्रोल रूम को सुबह सूचना मिली थी कि एक लड़की रात से अपने कमरे के अंदर बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोहल्ले के गवाहों की मौजूदगी में खिड़की का शीशा तोड़ा और दरवाजा खोला, तो अंदर डॉ. मीनाक्षी फर्श पर मृत अवस्था में पड़ी हुई थीं। पुलिस का कहना है कि पिता के बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना) और अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि, यह पूरी तरह से आत्महत्या है या सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कत्ल, इसका अंतिम खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और फॉरेंसिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। पुलिस की टीमें फरार आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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