पंजाब में अंदरूनी कलह या कुछ और, परगत सिंह ने बताया कांग्रेस का वो 'सीक्रेट', जिससे हिल गए विरोधी दल
पंजाब की सियासत और प्रदेश कांग्रेस के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री परगत सिंह ने मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है। पंजाब कांग्रेस में बड़े पैमाने पर जारी गुटबाजी और अंदरूनी कलह की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए परगत सिंह ने इसे पार्टी का 'आंतरिक लोकतंत्र' करार दिया है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विचारों में मतभेद होना किसी भी जीवंत लोकतंत्र की पहचान है और इन सभी मुद्दों का समाधान पार्टी के भीतर आपसी चर्चा के माध्यम से बेहद जल्द कर लिया जाएगा।
चाय पीने को भी मीडिया बना देता है गुटबाजी: परगत सिंह
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से विशेष बातचीत के दौरान परगत सिंह ने मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की कोई बड़ी गुटबाजी नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि आजकल मीडिया नेताओं के बीच होने वाली सामान्य शिष्टाचार मुलाकातों को भी आंतरिक कलह और गुटबाजी के संकेत के रूप में पेश करने लगता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पहली बात तो यह है कि पंजाब कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। आजकल के माहौल में तो अगर कोई नेता किसी दूसरे नेता के साथ बैठकर सिर्फ चाय भी पी लेता है, तो उसे राजनीति से जोड़कर गुटबाजी का नाम दे दिया जाता है। हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है, विचारों में भिन्नता होना ही असली लोकतंत्र है।"
अमित शाह-मोदी और केजरीवाल पर परगत सिंह का तीखा हमला
परगत सिंह ने कांग्रेस की तुलना भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) से करते हुए दोनों विरोधी दलों पर तीखा सियासी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों में आंतरिक लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि कांग्रेस में नेताओं को अपनी बात रखने की पूरी आजादी है।