चंडीगढ़ में बड़ा सियासी भूचाल! सचिन पायलट हिरासत में, वाटर कैनन और झड़प से रणक्षेत्र बनी सड़कें
संगरूर के बहुचर्चित गुलजार सिंह सुसाइड केस को लेकर पंजाब कांग्रेस ने मंगलवार को चंडीगढ़ की सड़कों पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। सेक्टर-15 स्थित राज्य कांग्रेस मुख्यालय से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सरकारी आवास की ओर कूच किया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। मार्च आगे बढ़ते ही माहौल गरमा गया और कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स फांदने का प्रयास किया, जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की तेज बौछारें) का इस्तेमाल किया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की और झड़प में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की सूचना है।
सचिन पायलट समेत शीर्ष नेतृत्व को पुलिस ने लिया हिरासत में, एक घंटे बाद रिहाई
विरोध मार्च की कमान संभाल रहे पंजाब कांग्रेस प्रभारी एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित पार्टी के कई आला नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तहत हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी नेताओं को बस में बैठाकर ले गई और करीब एक घंटे बाद दोपहर लगभग तीन बजे उन्हें रिहा किया गया। हिरासत के बाद कार्यकर्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया तथा उन्होंने मान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पायलट का मान सरकार पर हमला: नशे के नेटवर्क और गुलजार सिंह मामले पर दागे सवाल
प्रदर्शन शुरू होने से पूर्व कांग्रेस भवन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया। पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य में नशा माफिया बेखौफ है और नशीले पदार्थ आसानी से हर जगह उपलब्ध हो रहे हैं। गुलजार सिंह आत्महत्या मामले का प्रमुखता से उल्लेख करते हुए उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल चीमा से जुड़े गंभीर आरोपों को दोहराया और निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि इन राजनीतिक आरोपों पर फिलहाल सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पायलट ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए ऐलान किया कि पंजाब के जनहित से जुड़े मुद्दों पर वे अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष करेंगे।
चन्नी-वड़िंग का मंच साझा: तीन महीने बाद दिखी एकता की तस्वीर
सड़क पर संग्राम के बीच इस प्रदर्शन के जरिए पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में भी बड़ा संदेश देखने को मिला। करीब तीन महीने की खींचतान और दूरी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं ने न केवल मंच साझा किया बल्कि गर्मजोशी से आपस में लंबी बातचीत भी की, जिससे कार्यकर्ताओं में एकजुटता का सकारात्मक संदेश गया।
सीएम चेहरे पर नेता प्रतिपक्ष बाजवा का रुख: 'चेहरा नहीं, हाईकमान तय करेगा नेता'
मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी के आंतरिक संतुलन पर साफ संदेश दिया। बाजवा ने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव किसी एक चेहरे को आगे करके नहीं लड़ेगी, बल्कि पूरी पार्टी संयुक्त नेतृत्व में चुनावी रण में उतरेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुमत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री पद का अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान द्वारा ही लिया जाएगा।
राजा वड़िंग ने साधा मान सरकार पर निशाना, वरिष्ठ नेताओं के साथ दिखाई मजबूती
प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चरणजीत सिंह चन्नी और प्रताप सिंह बाजवा को पार्टी का वरिष्ठ और मार्गदर्शक नेता करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ स्तंभ एक मंच पर हैं और कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य पंजाब की बदहाल कानून व्यवस्था और नशे के संकट के खिलाफ भगवंत मान सरकार को कटघरे में खड़ा करना है। वड़िंग ने कहा कि गुलजार सिंह को न्याय दिलाने और पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए कांग्रेस का यह आंदोलन अब ब्लॉक और जिला स्तर तक जाएगा।