नदी में जहरीला कचरा किसने डाला; रोपड़ पुलिस ने शुरू की बड़ी जांच, कई कारोबारियों पर शिकंजा
पंजाब के रोपड़ में सिरसा और सतलुज नदियों के जल को जहरीले औद्योगिक कचरे से प्रदूषित करने के गंभीर मामले में पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नवानगर और मद्दली गांवों में भुड़ रजवाहे के नदी तल पर अवैध रूप से कबाड़ का काम करने वाले व्यापारियों को रोपड़ पुलिस ने विधिवत नोटिस जारी किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इन सभी कारोबारियों को तत्काल पुलिस जांच में शामिल होने और अपने ब्योरे दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
कचरे के मुख्य स्रोत और सप्लायरों की तलाश में जुटी पुलिस
रोपड़ सिटी थाना प्रभारी (SHO) पवन कुमार के अनुसार नदी तल के संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से कारोबार चला रहे सभी कबाड़ व्यापारियों को चिन्हित कर नोटिस थमा दिए गए हैं। पुलिस की विशेष टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रासायनिक व जहरीला कचरा किस फैक्ट्री या प्लांट से निकल रहा था और किन ट्रांसपोर्टरों व बिचौलियों के जरिए इसे नदी के किनारों तक डंप किया जा रहा था।
आप विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
यह पूरी कानूनी कार्रवाई आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद शुरू हुई है। शिकायत में सिरसा और सतलुज नदियों को दूषित करने वाली अज्ञात औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। दरअसल रोपड़ हेडवर्क्स के नजदीक भारी मात्रा में संदिग्ध जहरीला औद्योगिक कचरा और रासायनिक मलबा जमा देखा गया था जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया।
नदी किनारे मिला भारी बायोमेडिकल कचरा, इंजेक्शन और दवाएं बरामद
हाल ही में विधायक दिनेश चड्ढा, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के आला अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान भुड़ रजवाहे और सिरसा नदी की विभिन्न सहायक धाराओं के किनारों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर पाए गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से प्रयुक्त सिरिंज, एक्सपायर्ड दवाइयां और घातक बायोमेडिकल वेस्ट भी बरामद हुआ। प्रदूषण नियंत्रण विभाग और पुलिस अब कचरे के नमूनों की जांच कर जिम्मेदार औद्योगिक इकाइयों को बेनकाब करने में लगे हैं।