51 किमी लंबा ग्रोथ कॉरिडोर और मिक्स्ड लैंडयूज से पूरी तरह बदलेगी राजधानी की सूरत

51 किमी लंबा ग्रोथ कॉरिडोर और मिक्स्ड लैंडयूज से पूरी तरह बदलेगी राजधानी की सूरत

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नियोजित और आधुनिक विकास को लेकर चल रहा लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भोपाल विकास योजना यानी विजन-2047 को ध्यान में रखते हुए नया मास्टर प्लान ड्राफ्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। पिछले दो दशकों से पुराने और आउटडेटेड प्लान के सहारे चल रहे इस शहर के लिए यह नया ड्राफ्ट एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है। इस नए मास्टर प्लान में शहर की बढ़ती आबादी, आधुनिक यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और व्यवस्थित बसाहट पर विशेष जोर दिया गया है। सबसे बड़ा आकर्षण इसमें शामिल किया गया 51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर है, जो शहर के आर्थिक और व्यावसायिक स्वरूप को पूरी तरह से अपग्रेड करने का काम करेगा। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों पर मिक्स्ड लैंडयूज और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रावधानों से भोपाल देश के सबसे तेजी से विकसित होते महानगरों की सूची में शामिल होने जा रहा है।

51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर से जुड़ेगा भोपाल का नया इंफ्रास्ट्रक्चर

भोपाल मास्टर प्लान-2047 की सबसे बड़ी खासियत इसका 51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर है, जो शहर के चहुंमुखी विकास की धुरी बनेगा। इस ग्रोथ कॉरिडोर के जरिए शहर के दूर-दराज के इलाकों और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को आपस में निर्बाध रूप से जोड़ा जाएगा। इसके बन जाने से यातायात का दबाव कम होगा और औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। इस कॉरिडोर के आसपास अत्याधुनिक शहरी सुविधाओं, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क्स और कमर्शियल हब्स का विकास किया जाएगा, जिससे निवेशकों और आम नागरिकों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के विशेषज्ञों ने इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया है, ताकि आने वाले दशकों में ट्रैफिक जाम और कंजेशन जैसी समस्याओं से स्थाई राहत मिल सके।

चौड़ी सड़कों पर मिक्स्ड लैंडयूज और आवासीय-व्यासायिक संतुलन

नतीजतन इस नए मास्टर प्लान में आम जनता और व्यापारियों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखते हुए मिक्स्ड लैंडयूज (मिश्रित भूमि उपयोग) का बड़ा प्रावधान किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार, शहर में 12 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर सीमित व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी, जबकि 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर मकान और शोरूम साथ-साथ संचालित किए जा सकेंगे। इसका मतलब यह है कि मुख्य सड़कों के किनारे आवासीय बंगले और व्यावसायिक प्रतिष्ठान एक सुव्यवस्थित तरीके से एक साथ चल सकेंगे। हालांकि, शहर की अंदरूनी कॉलोनियों और संकरे रहवासी इलाकों में पूरी तरह से व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी ताकि स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की शांति और सुरक्षा की समस्या का सामना न करना पड़े।

शिक्षा हब, मेट्रो कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस

इस विजन-2047 ड्राफ्ट में केवल कंक्रीट के जंगलों पर ही नहीं बल्कि शहर के ग्रीन कवर और उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शहर में अत्याधुनिक एजुकेशन हब के विकास के लिए भूमि आरक्षित की गई है, जिससे देश-विदेश के छात्र उच्च शिक्षा के लिए भोपाल की ओर आकर्षित होंगे। इसके अलावा मेट्रो कॉरिडोर और मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के आसपास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग कर सकें। पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए प्लान में हरित क्षेत्रों (Green Cover) के दायरे को सुरक्षित रखने और बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि विकास के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन भी पूरी तरह बना रहे।