‘ओ कोई तरीको है?’ मंच पर बुके फेंके तो भड़के BJP विधायक, बोले- ‘पकड़कर बाहर ले ज्या’
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में नगर निकाय चुनाव के बाद आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अचानक उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक जयदीप बिहाणी मंच पर ही बुरी तरह बिफर पड़े।
श्रीगंगानगर नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति अजय देवड़ा और उपसभापति पुष्पा रानी के शपथ ग्रहण के लिए आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जिले के तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। समारोह के दौरान मंच पर उपजे इस विवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पूरे घटनाक्रम ने सीमावर्ती जिले के सियासी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है।
बधाई देने मंच पर चढ़ने से रोका तो फेंके बुके, भड़क गए विधायक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शपथ ग्रहण संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग नए सभापति और उपसभापति को शुभकामनाएं देने के लिए फूलों के गुलदस्ते लेकर मंच की ओर बढ़ने लगे। मंच पर बढ़ती अनियंत्रित भीड़ को देखकर बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी ने लोगों को ऊपर चढ़ने से रोक दिया। विधायक के इस तरह रोके जाने से सामने खड़े कुछ लोग नाराज हो गए और उन्होंने हाथ में लिए बुके सीधे मंच पर उछाल दिए। मंच पर गुलदस्ते फेंके जाते ही विधायक बिहाणी अपना आपा खो बैठे और तमतमाते हुए तीखी नाराजगी जाहिर करने लगे।
'ओ कोई तरीको है? पकड़कर बाहर ले ज्या'—राजस्थानी में दिखाए कड़े तेवर
मंच पर बुके गिरते ही विधायक जयदीप बिहाणी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने गुस्से में तल्ख लहजे में कहा—'ओ कोई तरीको है? अठै बुके फेंक दिया। म्हानै कोई जरूरत कोनी तेरी।' इतना ही नहीं, उन्होंने मंच पर मौजूद अपने करीबी कार्यकर्ता बंटी वाल्मीकि को आवाज देते हुए साफ निर्देश दिए कि—'तू आनै पकड़कर बाहर ले ज्या, मैं कैवण लाग रयो हूं।' विधायक के इस आक्रामक अंदाज और तेवर को देखकर समारोह स्थल पर मौजूद अधिकारियों और नेताओं के बीच सन्नाटा पसर गया।
नेताओं ने की मान-मनुहार, फिर 'जय श्री राम' के नारों से संभला माहौल
विधायक के उग्र रुख को देखते हुए मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेता सीता स्वामी सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाला। नेताओं ने विधायक के पास पहुंचकर उन्हें शांत कराने की कोशिश की और काफी देर तक मान-मनुहार का दौर चला। पार्टी नेताओं के आग्रह और समझाइश के बाद विधायक का गुस्सा थोड़ा ठंडा हुआ और उन्हें वापस उनकी कुर्सी पर बैठाया गया। इसके तुरंत बाद माहौल को हल्का और सुचारू करने के लिए नवनिर्वाचित सभापति ने 'सियावर रामचंद्र जी की जय' के जयकारे लगवाए, जिसके बाद जाकर बाकी कार्यक्रम आगे बढ़ सका।