जयपुर निकाय चुनाव: जीतते ही जुलूस निकाला तो होगी कार्रवाई, पुलिस ने जारी किया बड़ा आदेश

जयपुर निकाय चुनाव: जीतते ही जुलूस निकाला तो होगी कार्रवाई, पुलिस ने जारी किया बड़ा आदेश

राजस्थान की राजधानी में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।

मतगणना के बाद कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका और जनशांति को बनाए रखने के लिए पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में विजय जुलूस निकालने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आधिकारिक निषेधाज्ञा जारी करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

13 से 25 सितंबर तक सार्वजनिक स्थानों पर जुलूस पर पूरी पाबंदी

जारी किए गए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सीमा के भीतर 13 सितंबर से लेकर 25 सितंबर 2026 तक विजय जुलूस निकालने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जाएगी। निकाय चुनाव में जीत दर्ज करने वाले कोई भी प्रत्याशी, नवनिर्वाचित सदस्य, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या उनके राजनीतिक समर्थक सार्वजनिक मार्गों, सड़कों या खुले स्थानों पर शक्ति प्रदर्शन, रैली या विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। सुरक्षा एजेंसियों का आकलन है कि परिणाम के बाद जश्न के दौरान विरोधी पक्षों में तनातनी या झड़प की आशंका रहती है, इसी के चलते यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

मतदान से लेकर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव का पूरा टाइमलाइन

अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर राजीव पचार ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनावी कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 11 सितंबर को संपन्न कराई जा रही है। इसके बाद सभी वार्डों के चुनावी नतीजों के लिए 14 सितंबर को मतगणना होगी। वहीं निकायों में अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पद के लिए 22 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। चूंकि यह पूरी प्रक्रिया 25 सितंबर तक चलेगी, इसलिए नतीजों के बाद किसी भी तरह के उपद्रव या तनाव को रोकने के लिए प्रशासन ने परिस्थितियों की संवेदनशीलता को देखते हुए यह एकपक्षीय निषेधाज्ञा जारी की है।

उल्लंघन किया तो BNS की धारा 223 में होगी कड़ी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रत्याशी या समर्थक दल ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 (सरकारी लोक सेवक के वैध आदेश की अवहेलना) के तहत तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस पाबंदी की पुख्ता जानकारी आम नागरिकों और सभी उम्मीदवारों तक पहुंचाने के लिए पुलिस कमिश्नर दफ्तर, शहर के सभी थानों, जिला कलेक्ट्रेट तथा निर्वाचन कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर आदेश की प्रतियां चस्पा की जा रही हैं, साथ ही मीडिया के जरिए भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा रहा है।