बेल्ट से पीटती थी, अवैध संबंधों का था शक... तंग आकर बाप-बेटे ने रची लेडी डॉन की खौफनाक साजिश!

बेल्ट से पीटती थी, अवैध संबंधों का था शक... तंग आकर बाप-बेटे ने रची लेडी डॉन की खौफनाक साजिश!

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सनसनी फैलाने वाले लेडी डॉन मिंटू चौधरी हत्याकांड में पुलिस ने रोंगटे खड़े कर देने वाला पर्दाफाश किया है।

मुहाना थाना पुलिस की गहन तफ्तीश में यह सनसनीखेज सच सामने आया है कि किसी दौर में खौफ का पर्याय रही मिंटू चौधरी को किसी विरोधी गैंग या बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही पति लालाराम चौधरी और सगे बेटे हरिओम चौधरी ने मिलकर मौत के घाट उतारा था।

पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में अवैध संबंधों का शक और लगातार हो रहे गंभीर पारिवारिक कलह को इस खौफनाक वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है।

पति-बेटे पर बेल्ट से जुल्म और अवैध संबंधों का शक बनी हत्या की वजह

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी पिता-पुत्र ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि लेडी डॉन मिंटू चौधरी घर में बेहद आक्रामक और हिंसक व्यवहार करती थी। वह बात-बात पर अपने पति और बेटे को बेल्ट से बेरहमी से पीटती थी, जिससे दोनों आजिज आ चुके थे। इसके अलावा पति लालाराम को उसके अवैध संबंधों को लेकर भी गहरा शक था। रोज-रोज की प्रताड़ना, अपमान और शक के चलते बाप-बेटे ने मिलकर मिंटू को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस अब इस पहलू की बारीकी से जांच कर रही है कि इस हत्याकांड की साजिश कब और कैसे बुनी गई और क्या इसमें किसी तीसरे व्यक्ति की भी संलिप्तता थी।

गला घोंटकर मारा, कंबल-चादर में लपेटकर 200 फीट गहरे कुएं में फेंका शव

जयपुर साउथ के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा के अनुसार, मिंटू चौधरी उर्फ सीमा चौधरी की उसके ही घर पर गला घोंटकर निर्मम हत्या की गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद बाप-बेटे ने साक्ष्य छिपाने की पूरी योजना बनाई। दोनों ने शव को चादर और कंबल में अच्छी तरह लपेटा और फिर एक ऑटो रिक्शा के जरिए ले जाकर एक सुनसान इलाके में स्थित करीब 200 फीट गहरे सूखे कुएं में फेंक दिया। शव ठिकाने लगाने के बाद दोनों आरोपी घर लौट आए और रिश्तेदारों तथा पड़ोसियों के सामने इस तरह सामान्य बर्ताव करने लगे जैसे कुछ हुआ ही न हो।

पुलिस और रिश्तेदारों को भरमाया: कभी तिहाड़ तो कभी सेवर जेल का गढ़ा झूठ

वारदात के बाद जब मिंटू चौधरी लंबे समय तक कहीं नजर नहीं आई, तो रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों ने उसके बारे में सवाल पूछने शुरू किए। इस पर पति लालाराम और बेटे हरिओम ने शातिराना कहानी गढ़ी। वे लोगों को गुमराह करने के लिए कभी कहते कि मिंटू दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, तो कभी भरतपुर की सेवर जेल में बंद होने का बहाना बनाते। महीनों तक जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो मिंटू की बहन को गहरा शक हुआ। बहन ने खुद तिहाड़ और सेवर जेल प्रशासन से संपर्क साधा, जहां से पुष्टि हुई कि इस नाम की कोई भी महिला कैदी वहां बंद नहीं है। इसके बाद परिवार में अनहोनी की आशंका गहरा गई।

दो महीने पहले हत्या कर दर्ज कराई झूठी गुमशुदगी, सख्ती में टूटा पति

मुहाना थाना प्रभारी मुकेश कुमार खारड़िया ने बताया कि कानूनी शिकंजे और समाज से बचने के लिए पति लालाराम ने मार्च 2025 में ही मिंटू की हत्या कर दी थी, लेकिन मामले को भटकाने के लिए करीब दो महीने बाद 27 जुलाई 2025 को मुहाना थाने में उसकी गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। करीब एक साल तक जब मिंटू का कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस का शक पति की विरोधाभासी बातों पर गहरा गया। पुलिस ने जब लालाराम को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने हत्या कर शव कुएं में फेंकने का पूरा सच उगल दिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत रिमांड पर पूछताछ कर रही है।