आयरन की गोली मिली, पौष्टिक आहार लेने की सलाह भी

पीएमएसएमए दिवस पर हुई 73 गर्भवती की जांच, 15 उच्च जोखिम मिली

महराजगंज॥  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस पर सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गर्भवती की बुधवार को प्रसव पूर्व जांच की गयी, दवा दी गयी तथा टीका भी लगाया। कुल 73 गर्भवती की जांच हुई, जिसमें से 15 उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली मिलीं।

iron pill

आशा कार्यकर्ता आराधना के के साथ तीसरी बार जांच कराने आई सदर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत रामपुर बुजुर्ग निवासीनी सविता ने बताया कि खून, बीपी की जांच के बाद आयरन की गोली मिली और पौष्टिक आहार लेते रहने की सलाह दी गयक। साथ ही प्रसव सरकारी अस्पताल पर ही कराने को कहा गया।

चौथी बार जांच कराने आयीं पड़री वार्ड की निवासीनी साहिदजबी ने कहा कि इस बार भी जांच के बाद दवा दी गयी। ताजी सब्जी, मौसमी फल, पनीर आदि खाने की सलाह दी गयी है।उन्होंने बताया कि पौष्टिक भोजन से मां और बच्चा दोनों को सही पोषण मिलता है।

पहली बार आशा कार्यकर्ता मीरा के साथ जांच कराने आयी ग्राम पंचायत करमहा टोला प्रतापनपुर निवासीनी गर्भवती कुंती देवी ने बताया कि खून, बीपी कि जांच करने के बाद दवा मिली। समय-समय पर चेकअप कराते रहने की सलाह दी गयी है। पीएमएसएमए दिवस पर ही प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण भी हो गया।

सदर सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. केपी सिंह की देखरेख में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने हुए आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर सदर सीएचसी पर पहुँचने वाली गर्भवती की लैब टेक्नीशियन राकेश त्रिपाठी ने खून, पेशाब, रक्तचाप और वजन की जांच की। टीका लगाने के कार्य में स्टाफ नर्स सुनीता श्रीवास्तव, सबनम बानो तथा प्रियंका ने योगदान दिया।

महिला चिकित्सक डॉ.रोमा गुप्ता ने जांच के दौरान आयरन व कैल्शियम की गोली तथा खानपान सही रखने के बारे में सलाह दी। दूध, पनीर, ताजा मौसमी फल, दाल, हरी सब्जियां एवं अन्य प्रोटीन व विटामिन युक्त आहार लेने को कहा।

गर्भवती कब-कब कराएं जांच

  • -पहली जांच माहवारी छूटने के तीन माह के भीतर
  • -दूसरी जांच गर्भावस्था के चौथे व छठें महीने में
  • -तीसरी जांच गर्भावस्था के सातवें से आठवें महीने में
  • -चौथी जांच गर्भावस्था के नौवें महीने में

क्या है पीएमएसएमए

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान गर्भवती की प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम है । इस अभियान के तहत लाभार्थियों की हर माह के नौ तारीख को प्रसव पूर्व निःशुल्क देखभाल ( जांच और दवाओं) की सुविधा प्रदान की जाती है।