सपा 80 में से 80 जीतेगी तो भी EVM से... अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा- काशी को क्योटो नहीं बनाया

सपा 80 में से 80 जीतेगी तो भी EVM से... अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा- काशी को क्योटो नहीं बनाया

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी के अपने दौरे के दौरान केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर अपनी पुरानी शंकाओं को एक बार फिर दोहराते हुए अखिलेश यादव ने बेहद दो टूक अंदाज में कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की 80 की 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी उन्हें ईवीएम (EVM) की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्मार्ट सिटी और काशी को 'क्योटो' बनाने के दावों को खोखला करार देते हुए जमकर तंज कसा है।

EVM पर कायम है शक, 80 सीटें जीतने पर भी भरोसा नहीं: अखिलेश यादव

वाराणसी में पत्रकारों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान जब अखिलेश यादव से चुनावी प्रक्रिया और मशीनों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के साफ कर दिया कि उनका और उनकी पार्टी का रुख ईवीएम को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत या हार अपनी जगह है, लेकिन तकनीकी पारदर्शिता के अभाव में लोकतंत्र की मूल भावना खतरे में है। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि भले ही वे या उनका गठबंधन आगामी चुनावों में राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त क्यों न कर ले, फिर भी ईवीएम को लेकर उनके मन से संदेह कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव और जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए मतपत्रों (Ballot Paper) से चुनाव कराए जाने की मांग उनकी पार्टी हमेशा उठाती रहेगी।

'काशी को क्योटो तो दूर, उसकी तस्वीर तक नहीं लगा पाए': बीजेपी पर तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट और काशी को जापान के शहर 'क्योटो' की तर्ज पर विकसित करने के दावों पर कड़ा कटाक्ष करते हुए सपा प्रमुख ने सरकार को आड़े हाथों लिया। अखिलेश यादव ने कहा कि वाराणसी की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है। थोड़ी सी बारिश होने पर शहर की सड़कें दरिया बन जाती हैं और लोगों के घरों में पानी भर जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार काशी को क्योटो तो नहीं बना पाई, कम से कम शहर में क्योटो की तस्वीर ही लगा देनी चाहिए थी ताकि लोगों को कम से कम जुबानी दावों के बजाय तस्वीरें ही देखने को मिल जातीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर केवल बड़े-बड़े विज्ञापनों और कागजी आंकड़ों का खेल चल रहा है, जबकि धरातल पर आम आदमी की परेशानियां जस की तस बनी हुई हैं।

'भाजपा जाएगी तो बनारस मुस्कुराएगा': वाराणसी में मेट्रो चलाने का बड़ा ऐलान

वाराणसी के अपने दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, बुनकरों की समस्याओं और स्थानीय व्यापारियों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगली सरकार समाजवादी पार्टी की बनने जा रही है और सत्ता में आते ही वाराणसी में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए 'मेट्रो ट्रेन' चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के दावों की पोल हालिया स्थानीय और एमएलसी चुनावों के परिणामों ने खोल दी है, जहां जनता ने सत्ताधारी दल को करारा जवाब दिया है। अखिलेश ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में जनता बदलाव का मन बना चुकी है और 'भाजपा के जाने से ही बनारस के किसान, युवा और व्यापारी सचमुच मुस्कुराएंगे'।

स्थानीय निकाय और एमएलसी चुनावों की जीत को बताया बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद

वाराणसी में हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनावों में समाजवादी पार्टी की शानदार जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने इसे बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद करार दिया। उन्होंने कहा कि काशी के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और आम जनता ने तानाशाही और भेदभाव की राजनीति को नकार दिया है। लगातार मिल रही राजनीतिक सफलताओं से उत्साहित सपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर जनता के बीच रहें और सरकार की नाकामियों को घर-घर तक पहुंचाएं। उनका यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।