Up kiran,Digital Desk : मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। मंगलवार को मुंबई की एक विशेष अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार पांच मुख्य आरोपियों की पुलिस कस्टडी 23 फरवरी तक बढ़ाने का आदेश दिया है। पुलिस अब इन आरोपियों से 'बिश्नोई गैंग' के कनेक्शन और फंडिंग को लेकर कड़े सवाल पूछने की तैयारी में है।
MCOCA कोर्ट में सुनवाई: क्यों बढ़ाई गई कस्टडी?
पुलिस ने विशेष महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) कोर्ट के जज महेश जाधव के सामने आरोपियों को पेश किया।
आमने-सामने पूछताछ: पुलिस ने दलील दी कि हाल ही में हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए गए 7 नए आरोपियों का सामना इन 5 पुराने आरोपियों (आदित्य गायकी, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी, स्वप्निल सकट और आसाराम फासले) से कराना जरूरी है।
पैसे का लेन-देन: जांच एजेंसियां उस 'मनी ट्रेल' का पता लगा रही हैं जिसके जरिए शूटरों को सुपारी दी गई थी।
वाहन की तलाश: वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी और हथियारों की बरामदगी के लिए भी पुलिस को और समय चाहिए था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
अब तक 12 गिरफ्तार, यूपी-हरियाणा से जुड़े हैं तार
रोहित शेट्टी फायरिंग केस में अब तक कुल 12 लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
मुख्य शूटर: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आगरा कनेक्शन से मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी हुई है, जिन्होंने खास पिस्टल से हमला किया था।
साजिश का केंद्र: शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले की साजिश जेल के भीतर रची गई थी और इसके तार कुख्यात बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का संदेह है।
ताजा गिरफ्तारी: रविवार को हरियाणा और बहादुरगढ़ से पकड़े गए 7 आरोपियों को पहले ही 25 फरवरी तक की पुलिस कस्टडी में भेजा जा चुका है।
बॉलीवुड में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
रोहित शेट्टी जैसे बड़े डायरेक्टर को निशाना बनाए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने फिल्म सिटी और नामी फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा शुरू कर दी है। पुलिस को शक है कि यह फायरिंग केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि जबरन वसूली (Extortion) के एक बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकती है।




