SBI अपने कर्मचारियों के लिए बना रहा ये प्लान, दायरे में आएंगे 30190 कर्मचारी

वीआरएस के लिए एक मसौदा योजना तैयार की गई है, जिसे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है। यह प्रस्तावित योजना नई वीआरएस योजना है, जिसका उद्देश्य मानव संसाधन व लागतों का अनुकूलन करना है।

नई दिल्‍ली, 06 सितम्बर । सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) तैयार की है। इस योजना के दायरे में बैंक के करीब 30,190 कर्मचारी आएंगे। बैंक लागत को कम करने के उद्देश्य से ये योजना लेकर आ रहा है। ज्ञात हो कि एसबीआई में कुल कर्मचारियों की संख्या मार्च 2020 के अंत तक 2.49 लाख थी, जबकि एक साल पहले ये 2.57 लाख थी।

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सूत्रों ने बताया कि वीआरएस के लिए एक मसौदा योजना तैयार की गई है, जिसे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है। यह प्रस्तावित योजना नई वीआरएस योजना है, जिसका उद्देश्य मानव संसाधन व लागतों का अनुकूलन करना है। स्‍टेट बैंक ने प्रस्‍तावित योजना का नाम सेकंड इनिंग टैप-वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम’ (एसआईटीवीआरएस-2020) है।

सूत्रों के मुताबिक बैंक को इससे कुल 1,662.86 करोड़ रुपये की बचत होगी। ये अनुमान जुलाई 2020 के वेतन पर आधारित है। स्‍टेट बैंक इस योजना के तहत ऐसे कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक नौकरी छोड़ने का रास्ता उपलब्ध कराएगी, जो अपने ​करियर के पूरे होने के पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही जिन कर्मचारियों की परफॉरमेंस बेहद उच्च स्तर की नहीं है, जिनके साथ कुछ व्यक्तिगत समस्याओं के अलावा बैंक के बाहर अपनी प्रोफेशनल या पर्सनल लाइफ चाहते हैं।

एसबीआई की वीआरएस योजना के तहत ऐसे सभी स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए खुली होगी, जिन्होंने निर्धारित तारीख तक बैंक को 25 साल की सेवा दी होगी या 55 साल की उम्र पूरी कर चुके होंगे। यह स्कीम एक दिसंबर, 2020 से फरवरी 2021 आखिर तक खुली रहेगी। इसी अवधि में वीआरएस के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। स्‍टेट बैंक की प्रस्तावित योजना की योग्‍यता और क्राइटेरिया के अनुसार कुल 11565 अधिकारी और 18625 कर्मचारी यानी स्टाफ मेंबर्स वीआरएस स्कीम के लिए योग्य होंगे।

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