SIT Action : अब क्या कार्यवाही होगी वरिष्ठ आई.ए.एस. मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के खिलाफ ?

सरकारी आवास में उन्मादी तकरीरों से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद विवादों से घिरे वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने एसआईटी को अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं।

कानपुर : सरकारी आवास में उन्मादी तकरीरों से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद विवादों से घिरे वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने एसआईटी को अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। एसआईटी ने उनको मंगलवार शाम पांच बजे तक का वक्त दिया था। समय सीमा खत्म हो गई लेकिन वरिष्ठ आईएएस बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे।

अब एसआईटी उनके बयानों के बगैर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। एक से दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट के आधार पर शासन के अफसर मामले में कार्रवाई तय करेंगे। सीबीसीआईडी डीजी जीएल मीणा के नेतृत्व में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। वायरल साठ से अधिक वीडियो की जांच पूरी हो चुकी है।

एसआईटी ने वरिष्ठ आईएएस को नोटिस भेजा था। जिसमें लिखा था कि आरोपों के संबंध वह अपने बयान मंगलवार शाम पांच बजे तक लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर में दर्ज कराएं। नोटिस उनके आवास व दफ्तर में भेजा गया था। सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे।

अब उनके पास बयान दर्ज कराने का विकल्प भी नहीं बचा है क्योंकि समय सीमा भी खत्म हो गई है। इसलिए एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट उनके बिना बयान लिए ही शासन को भेजेगी। जिसमें दर्ज किया जाएगा कि संबंधित अफसर को बयान के लिए बुलाया गया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।

कानपुर के एडीजी जोन भानु भास्कर भी एसआईटी के सदस्य हैं। इसलिए एडीजी दफ्तर में ही एसआईटी की टीम पिछले एक सप्ताह से काम कर रही है। टीम में एएसपी सीबीसीआईडी व अन्य इंस्पेक्टर, दरोगा शामिल हैं। एक-एक वीडियो देखने के साथ उसकी पूरी स्क्रिप्ट उतारी गई। कहां पर क्या आरोप पाए जा रहे हैं उसको अलग से अंकित किया जा रहा है। टीम 18-18 घंटे तहकीकात कर रही है। तीस से अधिक लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। एसआईटी की जांच अंतिम पड़ाव पर है।

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