Up kiran,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की शुरुआत के मौके पर एक भावनात्मक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व उन भारत माता के असंख्य सपूतों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों पर कभी समझौता नहीं किया।
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर जनवरी 1026 में पहला हमला और इसके बाद के आक्रमण भी भारत के लोगों की अडिग आस्था और संस्कृति की चेतना को नहीं डिगा पाए। इन चुनौतियों के बावजूद सोमनाथ मंदिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ, जो हमारे सांस्कृतिक गौरव और एकता का प्रतीक है।
उन्होंने इस पर्व की शुरुआत के साथ ही सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की तस्वीरें साझा कीं और लोगों से भी अपने अनुभव #SomnathSwabhimanParv के साथ साझा करने का आग्रह किया। पीएम मोदी यह भी साझा कर रहे हैं कि 2026 में 1951 में मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिस कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, केएम मुंशी, अटल बिहारी वाजपेयी और लक्ष्मण सिंह आडवाणी जैसे नाम शामिल थे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य केवल मंदिर के इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि उन लोगों के अदम्य साहस, संस्कार और अटूट विश्वास को भी सम्मान देना है, जिन्होंने कठिनाइयों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।




