मैं कोई रोबोट या मशीन नहीं हूं, 57 रन ठोकने के बाद संजू सैमसन का छलका दर्द
अफगानिस्तान के विरुद्ध टी20 सीरीज के पहले मैच में सस्ते में पवेलियन लौटने वाले संजू सैमसन पर कई पूर्व क्रिकेटरों और समीक्षकों ने सवाल खड़े कर दिए थे। प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पर उठ रही उंगलियों का जवाब सैमसन ने दूसरे टी20 मुकाबले में अपने बल्ले से दिया।
संजू ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 22 गेंदों में 57 रनों की तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली। उनकी इस आक्रामक पारी की बदौलत भारतीय टीम ने मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम किया और 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मैदान पर तहलका मचाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन आलोचकों पर जमकर बरसे और दिल की बात साझा की।
'मैं कोई रोबोट या मशीन नहीं हूं', आलोचनाओं पर सैमसन का तीखा पलटवार
मैच खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजू ने कहा कि वह इंसान हैं, कोई रोबोट या मशीन नहीं कि बाहरी बातों का उन पर असर न पड़े। सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम रोल निभाया था और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी बने थे। इसके बावजूद आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर बल्ला शांत रहने के कारण उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था और जिम्बाब्वे दौरे से भी बाहर रखा गया। अब अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मैच में फ्लॉप होने पर दोबारा शुरू हुई आलोचनाओं पर बात करते हुए संजू ने कहा कि वह सोशल मीडिया और बाहरी शोर से दूर रहने के लिए अपना वाई-फाई बंद करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी-कभी अनजाने में कमेंट्स दिख ही जाते हैं।
शॉट खेलने से पहले वाई-फाई की टेंशन नहीं ले सकता: संजू
संजू ने खुलकर स्वीकार किया कि जब कोई सीनियर पूर्व खिलाड़ी सार्वजनिक रूप से आलोचना करता है, तो थोड़ा बुरा लगना सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि अब वह इतने परिपक्व और अनुभवी हो चुके हैं कि इन मानसिक दबावों को संभालना सीख गए हैं। यदि वह हर नकारात्मक टिप्पणी पर ध्यान देने लगेंगे तो इसका सीधा असर उनकी स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली पर पड़ेगा। सैमसन ने मजाकिया लेकिन संजीदा लहजे में कहा कि अगर वह ऐसा सोचेंगे तो मैदान पर बड़ा शॉट खेलने से पहले उन्हें दस बार सोचना पड़ेगा कि आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर क्या बवाल होगा। इसलिए वह बाहरी शोर को नजरअंदाज कर सिर्फ अपने खेल और आत्ममंथन पर भरोसा रखते हैं।
वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा पर बोले— हम विरोधी नहीं, एक टीम हैं
प्लेइंग इलेवन में युवा खिलाड़ियों से मिल रही चुनौती के सवाल पर संजू सैमसन ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि दुनिया के लिए वे उनके प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं, लेकिन ड्रेसिंग रूम के अंदर वे सभी सिर्फ एक टीम हैं जो देश को जिताने के लिए खेलती है। संजू ने स्पष्ट किया कि टीम की जीत हमेशा किसी भी खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन या आंकड़ों से ऊपर होती है। किसी अन्य खिलाड़ी को मौका मिलने पर उदास होना या ईर्ष्या रखना टीम कल्चर के खिलाफ है और ऐसी नकारात्मक मानसिकता के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला जा सकता।