एशियन गेम्स में भारतीय बेटियों का स्वर्णिम धमाका: चीन को कड़े मुकाबले में हराकर तीरंदाजी में जीता 7वां गोल्ड!
जापान की धरती पर आयोजित एशियाई खेलों से भारत के लिए दिन की शुरुआत बेहद शानदार और ऐतिहासिक रही है। भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने दबाव भरे फाइनल मुकाबले में चीन की मजबूत टीम को धूल चटाते हुए देश की झोली में एक और चमचमाता गोल्ड मेडल डाल दिया। इस महामुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने अपने अद्भूत निशाने और धैर्य के दम पर मौजूदा टूर्नामेंट में भारत का कुल सातवां स्वर्ण पदक अपने नाम दर्ज किया।
ज्योति, पृथिका और चिकिता की तिकड़ी का सटीक निशाना, पहले राउंड से बनाई बढ़त
स्वर्ण पदक के इस फाइनल मुकाबले में भारतीय तीरंदाज चिकिता तनिपार्थी, पृथिका प्रदीप और अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम की जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय महिला टीम ने मैच की पहली घंटी बजने के साथ ही बढ़त बना ली और मुकाबले के दौरान चीनी टीम द्वारा बनाए गए मानसिक दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। दबाव के पलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय और एकाग्रता को टूटने नहीं दिया।
परफेक्ट 30/30 के साथ चीन की उम्मीदों पर फेरा पानी
फाइनल के निर्णायक पलों में मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था। चौथे राउंड के पहले रोटेशन में चीनी तीरंदाजों ने 10, 9 और 9 अंक हासिल किए। इसके जवाब में भारतीय महिला टीम ने अचूक प्रदर्शन करते हुए तीनों तीरों पर 10, 10, 10 का परफेक्ट 30/30 स्कोर दागकर मुकाबले पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली। इसके बाद दूसरे रिले में यद्यपि चीनी टीम ने भी 30/30 का परफेक्ट स्कोर खड़ा किया, लेकिन भारतीय टीम पहले ही निर्णायक फासला बना चुकी थी। दूसरे राउंड में भी चिकिता, पृथिका और ज्योति ने एक बार फिर लगातार तीन परफेक्ट 10 (30/30) जड़कर चीन की वापसी के सारे दरवाजे बंद कर दिए और स्वर्ण पदक पर तिरंगा लहरा दिया।
सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 1 अंक से हराकर तय किया था फाइनल का सफर
फाइनल में चीन को मात देने से पहले भारतीय तिकड़ी ने सेमीफाइनल मुकाबले में भी अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया था। अंतिम चार के मुकाबले में भारत का सामना तीरंदाजी की महाशक्ति मानी जाने वाली दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम से हुआ था। बेहद सांस थमा देने वाले उस मुकाबले में चिकिता, पृथिका और ज्योति ने महज 1 अंक के करीबी अंतर से 234-233 से सनसनीखेज जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का किया था।