तिहरा शतक 30 रन से चूका, फिर भी इतिहास रच गए ईशान किशन
चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन के बल्ले से रनों की सुनामी देखने को मिली।
मैच के दूसरे दिन 28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने साउथ जोन के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 334 गेंदों पर 270 रनों की मैराथन पारी खेली। इस तूफानी पारी के दौरान उनके बल्ले से 30 दर्शनीय चौके और 7 गगनचुंबी छक्के निकले।
हालांकि, वह अपने पहले प्रथम श्रेणी तिहरे शतक से मात्र 30 रन से चूक गए, लेकिन उनकी इस ऐतिहासिक पारी के दम पर ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया। 250 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होने के बावजूद वह दोबारा क्रीज पर लौटे और 163वें ओवर में त्रिपुराना विजय की गेंद पर आउट हुए।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में 250+ बनाने वाले पहले कप्तान बने ईशान
इस धमाकेदार दोहरे शतक के साथ ही ईशान किशन ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वह दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में 250 रनों का आंकड़ा पार करने वाले पहले कप्तान बन गए हैं।
टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक सिर्फ दो ही कप्तान फाइनल में दोहरा शतक जड़ पाए हैं। इससे पूर्व 1987 में अंशुमान गायकवाड़ ने वेस्ट जोन की कमान संभालते हुए नॉर्थ जोन के खिलाफ 216 रनों की पारी खेली थी, जिसका 39 साल पुराना रिकॉर्ड ईशान ने ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, ईस्ट जोन की तरफ से 31 साल बाद किसी बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाया है।
मंसूर अली खान पटौदी के एलीट क्लब में मारी धाकड़ एंट्री
ईशान किशन दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक या उससे अधिक रन बनाने वाले भारतीय क्रिकेट के सातवें दिग्गज खिलाड़ी बन गए हैं। अब उनका नाम मंसूर अली खान पटौदी, अंशुमान गायकवाड़, रमन लांबा, चेतेश्वर पुजारा, यूसुफ पठान और यशस्वी जायसवाल जैसे दिग्गजों की खास सूची में शुमार हो गया है। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक जड़ने वाले ईस्ट जोन के पहले क्रिकेटर हैं; इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋद्धिमान साहा के नाम था जिन्होंने 2012 में सेंट्रल जोन के खिलाफ 170 रन बनाए थे। बतौर विकेटकीपर भी उन्होंने इतिहास रचते हुए दिनेश कार्तिक के 2010 फाइनल के 183 रनों के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।
चेतेश्वर पुजारा और यशस्वी जायसवाल को पछाड़ा, बने दूसरे सबसे बड़े स्कोरर
अपनी 270 रनों की पारी की बदौलत ईशान किशन अब दलीप ट्रॉफी फाइनल के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने चेतेश्वर पुजारा (2016 फाइनल में 256 रन) और यशस्वी जायसवाल (2022 फाइनल में 265 रन) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस खिताबी मुकाबले में अब उनसे आगे सिर्फ पूर्व दिग्गज रमन लांबा हैं, जिन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन की तरफ से 320 रनों की अविस्मरणीय पारी खेली थी। दलीप ट्रॉफी इतिहास के ओवरऑल ऑल-टाइम सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर की सूची में भी ईशान किशन अब आठवें स्थान पर काबिज हो गए हैं।