पाकिस्तान क्रिकेट टीम की गरीबी में आटा गीला: WTC पॉइंट्स टेबल से कटे अंक और खिलाड़ियों...
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने अनुशासन और खेल के तय नियमों का पालन न करने वाली टीमों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी रखते हुए एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है, जिसका सीधा और बेहद नुकसानदायक असर एशियाई क्रिकेट पावरहाउस पाकिस्तान की टीम पर पड़ा है। आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC की ताज़ा अंक तालिका में पाकिस्तान क्रिकेट टीम को करारा झटका लगा है, जहां उनके कुल प्राप्त अंकों में से सीधे तौर पर 11 बहुमूल्य पॉइंट्स काट लिए गए हैं। क्रिकेट के गलियारों में इस खबर के सामने आते ही हड़कंप मच गया है क्योंकि टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की रेस में पहले से ही संघर्ष कर रही पाकिस्तानी टीम के लिए यह कटौती किसी बड़े वज्रपात से कम नहीं है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पेनल्टी किसी एक मैच की गलती का नतीजा नहीं है, बल्कि हाल ही में खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान टीम द्वारा लगातार दिखाई गई सुस्ती, तय समय सीमा के भीतर ओवर पूरे न कर पाने यानी स्लो ओवर रेट (Slow Over Rate) और खेल भावना से जुड़ी अन्य प्रशासनिक कमियों के चलते यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। आईसीसी की मैच रेफरी और एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जब यह फैसला सुनाया गया, तो पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी और उसके समर्थकों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं, क्योंकि इस प्रकार अंकों का काटा जाना सीधे तौर पर टीम की विश्व रैंकिंग और फाइनल खेलने की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम करता है।
स्लो ओवर रेट और अनुशासनात्मक कार्रवाई के कारण खिलाड़ियों पर लगा भारी आर्थिक जुर्माना
आईसीसी के नियमों के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे प्रारूप में भी निर्धारित समय के भीतर तय ओवरों की संख्या को पूरा करना हर टीम और उसके कप्तान की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन पाकिस्तान की टीम इस मोर्चे पर लगातार विफल साबित होती रही है। मैदान पर गेंदबाजी के दौरान बार-बार रणनीतिक चर्चाओं में ज्यादा वक्त गंवाना, खिलाड़ियों का समय पर अपनी पोजीशन पर न पहुंचना और मैच के ओवर रेट को मेंटेन न रख पाने के कारण आईसीसी के एंटी-करप्शन और आचार संहिता विभाग ने न केवल टीम के पॉइंट्स काटे हैं, बल्कि सभी खिलाड़ियों की मैच फीस पर भी भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना ठोक दिया है। इस वित्तीय दंड के दायरे में टीम के कप्तान से लेकर प्लेइंग इलेवन में शामिल सभी प्रमुख तेज गेंदबाज और स्पिनर शामिल हैं, जिन्हें अपनी गलती की सजा के रूप में अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बतौर जुर्माना गंवाना पड़ा है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि मैदान पर इस तरह की लचर अनुशासनहीनता और पेशेवर रवैये की कमी किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीम के लिए बेहद शर्मनाक है, जो देश के खेल सम्मान को भी ठेस पहुंचाती है। खिलाड़ियों की इस प्रकार की लापरवाही पर जब घरेलू और विदेशी मीडिया ने सवाल उठाने शुरू किए, तो पीसीबी के भीतर भी आंतरिक बैठकों का दौर शुरू हो गया है कि आखिर बार-बार ऐसी गलतियां क्यों दोहराई जा रही हैं जो टीम के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी का सबब बनती जा रही हैं।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पाकिस्तान की स्थिति हुई बेहद दयनीय
आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के इस मौजूदा चक्र में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन पहले ही कुछ खास उत्साहजनक नहीं रहा है, और घरेलू तथा विदेशी सरजमीं पर लगातार मिल रही हार ने उनकी स्थिति को पहले ही कमजोर कर दिया था। अब इन 11 पॉइंट्स के कट जाने के बाद पाकिस्तान की टीम WTC की पॉइंट्स टेबल में और अधिक नीचे खिसक गई है, जिससे उनके लिए आगामी फाइनल्स की दौड़ में टिके रहना लगभग असंभव सा होता नजर आ रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का गणितीय आकलन यह कहता है कि यदि किसी टीम को डब्ल्यूटीसी के खिताबी मुकाबले तक का सफर तय करना है, तो उसे अपने घरेलू मैचों में शत-प्रतिशत जीत दर्ज करने के साथ-साथ विदेशी दौरों पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करना होता है, लेकिन पाकिस्तान टीम इसके बिल्कुल विपरीत लगातार हार और पेनल्टी का शिकार हो रही है। इस ताजा पॉइंट डिडक्शन के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल चैनलों तक हर तरफ यह चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पाकिस्तानी टीम आने वाले समय में अपने खेल के स्तर में कोई सुधार कर पाएगी या फिर उनका यह टेस्ट सफर यूं ही प्रशासनिक और अनुशासनात्मक त्रुटियों की भेंट चढ़ता रहेगा। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के सामने अब सबसे बड़ा सिरदर्द यह है कि वे किस प्रकार खिलाड़ियों के भीतर अनुशासन की भावना भरें ताकि भविष्य में होने वाले मुकाबलों में इस तरह की शर्मनाक अंक कटने की नौबत दोबारा न आए।
पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड और टीम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
आईसीसी द्वारा लगाई गई इस सख्त पेनल्टी और भारी जुर्माने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल सा आ गया है और देश के पूर्व क्रिकेटरों तथा खेल प्रेमियों ने पीसीबी के मौजूदा चेयरमैन और टीम के कोचिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। आलोचकों का साफ तौर पर कहना है कि जब देश की टीम मैदान पर खेलने उतरती है, तो केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत तकनीक ही नहीं बल्कि टीम मैनेजमेंट की रणनीतिक कमजोरी भी साफ झलकती है, जो ओवर रेट को समय पर नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम साबित होती है। पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स के माध्यम से यह मांग उठाई है कि बोर्ड को अब कड़े प्रशासनिक फैसले लेते हुए खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही तय करनी चाहिए, अन्यथा पाकिस्तानी क्रिकेट का भविष्य गर्त में चला जाएगा। दूसरी ओर, पीसीबी के अधिकारी इस पूरे मामले में आईसीसी के नियमों को कुछ ज्यादा ही सख्त करार देते हुए अपना बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खेल प्रेमियों का मानना है कि नियमों का रोना रोने के बजाय अपनी कमियों को सुधारना ज्यादा समझदारी होगी। जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रोमांच आगे बढ़ रहा है, पाकिस्तान टीम के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपनी इन आंतरिक और तकनीकी कमजोरियों से जल्द से जल्द पार पाएं, ताकि दुनिया के सामने उनकी खेल छवि को और अधिक नुकसान न पहुंचे।