Sanju Samson 57 Runs: 22 गेंदों में 57 रन कूटने के बाद 15 साल के वैभव पर बोले संजू सैमसन, टीम से ड्रॉप होने पर तोड़ी चुप्पी

Sanju Samson 57 Runs: 22 गेंदों में 57 रन कूटने के बाद 15 साल के वैभव पर बोले संजू सैमसन, टीम से ड्रॉप होने पर तोड़ी चुप्पी

अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में हर क्रिकेट प्रेमी और समीक्षक की निगाहें संजू सैमसन पर टिकी थीं। पहले टी20 मैच में महज 10 रन पर सस्ते में आउट होने के बाद प्लेइंग 11 में उनकी जगह खतरे में मानी जा रही थी, लेकिन सैमसन ने दूसरे मैच में बल्ले से गदर मचाते हुए जोरदार वापसी की।

आक्रामक अंदाज में खेलते हुए उन्होंने महज 22 गेंदों में 7 चौके और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 57 रनों की आतिशी अर्धशतकीय पारी खेली। इस तूफानी पारी के दम पर भारत ने मैच में दबदबा बनाया। मैदान पर तहलका मचाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन ने मीडिया से बातचीत की और 15 साल के उभरते सनसनीखेज बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की दिल खोलकर तारीफ करते हुए टीम चयन के समीकरणों पर रोशनी डाली।

'उसने 700-800 रन बनाए हैं, टीम में आना तय था'— वैभव पर सैमसन का बड़ा दिल

इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती मैचों में जब संजू रन बनाने में संघर्ष कर रहे थे, तब उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कराया गया था। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर भी सैमसन स्क्वाड से बाहर रहे और वैभव ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। मौजूदा अफगानिस्तान सीरीज के शुरुआती दो मैचों में वैभव को बेंच पर बैठना पड़ा, जिस पर संजू ने पूरी परिपक्वता के साथ कहा कि टीम इंडिया का प्रबंधन संभालना बेहद जटिल काम है।

सैमसन ने कहा कि जब आप एक 15 साल के लड़के को घरेलू सर्किट में लगातार 700 से 800 रन बनाते देखते हैं, तो यह तय था कि वह जल्द ही भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय वह दो-तीन मैचों में रन नहीं बना सके थे जबकि वैभव प्रचंड फॉर्म में थे, इसलिए सीरीज जीतने के लिहाज से टीम मैनेजमेंट का फैसला पूरी तरह जायज था। सैमसन ने कहा कि आईपीएल में कप्तान होने के नाते वह भी ऐसे कड़े फैसले ले चुके हैं, इसलिए इस स्थिति को भली-भांति समझते हैं।

ड्रॉप किए जाने पर हेड कोच से बातचीत, सैमसन बोले- टीम हमेशा खिलाड़ी से बड़ी होती है

संजू सैमसन ने टीम कल्चर और ड्रेसिंग रूम के संवाद पर जोर देते हुए कहा कि जब किसी खिलाड़ी को बाहर बैठाया जाता है, तो टीम लीडरशिप और उस खिलाड़ी के बीच पारदर्शी बातचीत बेहद जरूरी हो जाती है। उन्होंने खुलासा किया कि इंग्लैंड दौरे के दौरान हेड कोच ने खुद उनसे बात कर स्थिति स्पष्ट की थी।

सैमसन ने कहा कि किसी भी कोच या कप्तान के लिए सीनियर खिलाड़ी को बाहर करने का फैसला लेना आसान नहीं होता, लेकिन देश और टीम की जीत हमेशा किसी भी व्यक्तिगत खिलाड़ी के कद से ऊपर होती है। नेतृत्वकर्ता को टीम के हित को सबसे आगे रखकर ही ऐसे साहसिक और कड़े निर्णय लेने पड़ते हैं, जिसे एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में हर खिलाड़ी को सकारात्मक भाव से स्वीकार करना चाहिए।