कौन है आर्थर फेरी, विंबलडन में वो कारनामा कर दिखाया जो पिछले 25 सालों में कोई नहीं कर सका

कौन है आर्थर फेरी, विंबलडन में वो कारनामा कर दिखाया जो पिछले 25 सालों में कोई नहीं कर सका

टेनिस की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंच विंबलडन 2026 से एक ऐसी ऐतिहासिक और जादुई कहानी सामने आई है जिसने खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। विंबलडन में बतौर वाइल्डकार्ड एंट्री पाने वाले 23 वर्षीय ब्रिटिश खिलाड़ी आर्थर फेरी ने टूर्नामेंट में वो कारनामा कर दिखाया है जो पिछले 25 सालों में कोई पुरुष खिलाड़ी नहीं कर सका।

बुधवार, 8 जुलाई को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर काबिज फेरी ने नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लेवियो कोबोली को सीधे सेटों में 6-4, 7-6(4), 6-0 से रौंदकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही वह साल 2001 में गोरान इवानिसेविच के ऐतिहासिक खिताब जीतने वाले सफर के बाद विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले पुरुष वाइल्डकार्ड खिलाड़ी बन गए हैं।

ग्रिगोर दिमित्रोव को हराने के बाद सेंटर कोर्ट पर कोबोली को चटाई धूल

इस साल की चैंपियनशिप की शुरुआत में आर्थर फेरी को कोई बड़ा दावेदार नहीं मान रहा था, लेकिन वह इस सप्ताह घास के कोर्ट पर सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपने इस ड्रीम रन की शुरुआत पहले ही दौर में दिग्गज खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव को हराकर की थी।

इसके बाद सेंटर कोर्ट पर घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए फेरी ने अपने से कहीं ऊंची रैंकिंग वाले इटैलियन खिलाड़ी फ्लेवियो कोबोली को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। शुरुआती दो सेटों में कड़ी टक्कर देने के बाद कोबोली तीसरे सेट में फेरी के आक्रामक खेल के आगे पूरी तरह बिखर गए और फेरी ने तीसरा सेट 6-0 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

विंबलडन से बचपन का नाता: घर से महज 5 मिनट की दूरी पर रचा इतिहास

आर्थर फेरी के लिए यह विंबलडन किसी परीकथा (Fairytale) से कम नहीं है। 12 जुलाई 2002 को फ्रांस के सेवरेस में जन्मे फेरी बचपन में ही अपने परिवार के साथ लंदन आ गए थे। दिलचस्प बात यह है कि वह ऑल इंग्लैंड क्लब से महज कुछ ही मिनटों की दूरी पर स्थित विंबलडन इलाके में ही पले-बढ़े हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा स्थानीय किंग्स कॉलेज स्कूल से पूरी की। 

बचपन में जिस कोर्ट के स्टैंड्स में बैठकर वह चैंपियन खिलाड़ियों को देखा करते थे, आज उसी सेंटर कोर्ट से महज पांच मिनट की दूरी पर रहने वाले इस लोकल बॉय ने फाइनल से सिर्फ एक कदम दूर रहकर इतिहास लिख दिया है। फेरी ने इसे अपनी जिंदगी का "पूर्ण चक्र पूरा होने का क्षण" (Full Circle Moment) बताया है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के कॉलेज चैंपियन से विंबलडन के मंच तक

पेशेवर टेनिस में कदम रखने से पहले फेरी ने अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी कॉलेज पढ़ाई और टेनिस को आगे बढ़ाया। साल 2020 में दाखिला लेने के बाद स्टैनफोर्ड में अपने तीन सीजन के दौरान फेरी अमेरिका के शीर्ष कॉलेज खिलाड़ियों में शुमार हुए। वह दो बार आईटीए ऑल-अमेरिकन बने और साल 2023 में 'पैक-12 सिंगल्स प्लेयर ऑफ द ईयर' का खिताब जीता।

इतना ही नहीं, साल 2022 में वह राष्ट्रीय कॉलेजिएट सिंगल्स रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंचे थे, जो 1998 में महान बॉब ब्रायन के बाद स्टैनफोर्ड के किसी खिलाड़ी द्वारा हासिल की गई पहली शीर्ष रैंकिंग थी। कॉलेज स्तर पर सिंगल्स में 58-16 का शानदार रिकॉर्ड रखने वाले फेरी का यही अनुभव अब ग्रैंड स्लैम के बड़े मंच पर उनके काम आ रहा है।

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