9 लोगों की संदिग्ध मौत, मचा हड़कंप, अफसरों पर कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले का संज्ञान लेते हुए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। उसके बाद इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी है। साथ ही गृह विभाग को निर्देश दिया है कि दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

भोपाल/उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में बीते 24 घंटे में 9 लोगों की हुई संदिग्ध मौत से हड़कंप मचा है। बुधवार को सात शव मिले थे और दो शव आज गुरुवार की सुबह मिले हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इन सभी की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले का संज्ञान लेते हुए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। उसके बाद इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी है। साथ ही गृह विभाग को निर्देश दिया है कि दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की सख्ती के बाद अब उज्जैन पुलिस भी जहरीली शराब मामले में एक्शन मोड में नजर आ रही है। एसपी मनोज सिंह ने गुरुवार को इस मामले में खाराकुआं टीआई समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

Suspicious death

इनकी हुई मौत

उज्जैन में बुधवार की सुबह करीब सात बजे छत्री चौक सराय के फुटपाथ पर दो मजदूरों के शव मिले थे। इनकी पहचान नागदा निवासी विजय उर्फ कृष्णा (41) और पिपलौदा बागला निवासी शंकरलाल (40) के रूप में हुई। इसके बाद दो अन्य मजदूर दानी गेट निवासी बबलू (40) और छत्री चौक सराय निवासी बद्रीलाल (65) की मौत हो गई। पुलिस को इन दोनों ने इलाज के समय  बताया था कि उन्होंने झिंझर (कच्ची शराब) पी थी। इसके बाद उनके पेट में दर्द होने लगा और शाम तक उन दोनों की मौत हो गई। बुधवार की ही शाम करीब सात बजे एक अन्य व्यक्ति दिनेश जोशी (45) का शव माधव गोशाला के पास मिला। महाकाल थाना क्षेत्र के बेगमबाग निवासी पीर शाह (45) ने शाम को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा छत्री चौक की पार्किंग में 85 साल के एक बुजुर्ग का शव मिला। उसके बारे में भी लोगों ने बताया कि उसने झिंझर पी थी।

दो मजदूरों के शव मिले

पुलिस अभी इन मामलों की तफ्तीश कर ही रही थी कि आज गुरुवार की सुबह नरसिंह घाट और ढाबा रोड क्षेत्र से भी दो मजदूरों के शव मिले हैं। ये मजदूर भी शराब के आदी थे। इनकी शिनाख्त रतन मालवीय निवासी झारड़ा और हरदा निवासी राकेश के रूप में हुई है।

ज्यादा शराब पीने से हुई मौत

पुलिस का कहना है कि मजदूर कहारवाड़ी क्षेत्र से सस्ती झिंझर (कच्ची शराब) खरीदकर पीते थे। आशंका है कि ज्यादा शराब पीने से इनकी मौत हुई है लेकिन पुख्ता बात तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। फिलहाल, उज्जैन में जहरीली शराब पीने से बुधवार की सुबह से गुरुवार सुबह तक 24 घंटे में कुल नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना से पूरे प्रदेश में हड़कम्प मचा है।

मुख्यमंत्री ने एसआईटी को सौपी जांच

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार की सुबह इस मामले पर एक उच्च स्तरीय बैठक की। उसके बाद मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी। चौहान ने कहा है कि दोषियों को किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही गृह विभाग के सचिव को मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सीएम ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

उज्जैनः जहरीली शराब मामले में टीआई सहित चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, 10 आरोपित गिरफ्तार 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहरीली शराब मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए जांच के लिए एसआईटी के गठन की बात कही थी। इसके बाद उज्जैन पुलिस भी हरकत में आई और एसपी मनोज सिंह ने गुरुवार को लापरवाही बरतने और अधिकारियों को गुमराह करने को लेकर खाराकुआं थाना प्रभारी एमएल मीणा, एसआई निरंजन शर्मा और दो आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने 10 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है। अन्य आरोपित की तलाश में उज्जैन पुलिस की दो टीम अलग-अलग शहरों के लिए रवाना की गई हैं। उज्जैन एसपी मनोज सिंह ने माना है कि 9 मौतों में कुछ की मौत झिंझर पीने से हुई है।

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