जितना फायदेमंद है सरसों का तेल उतना ही ज्यादा सेहत के लिए होता है नुकसानदेह, जानें इसके गंभीर परिणाम

खानें में लोग ज्यादातर सरसों के तेल को इस्तेमाल करते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि सरसों का तेल भारतीय मौसम के हिसाब से सेहत और सुंदरता

खानें में लोग ज्यादातर सरसों के तेल को इस्तेमाल करते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि सरसों का तेल भारतीय मौसम के हिसाब से सेहत और सुंदरता के लिए फायदेमंद माना जाता है। यहां तक कि आयुर्वेद में भी सरसों के तेल का इस्तेमाल कई दवाइयों और उपचार में किया जाता है।

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सरसों के तेल में पाए जाने वाले तत्व फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन फायदों के साथ इसके कई नुकसान भी हैं, जो आपको ज़रूर मालूम होने चाहिए।

सरसों के से होने वाला नुकसान-

1- सरसों के तेल में एरिटिक एसिड का उच्च स्तर होता है, जो हमारे दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। यह दिल की मांसपेशियों को बुरा नुकसान पहुंचा सकता है।

2- महिलाओं को गर्भवास्था में सरसों के तेल का खाने में ज़्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस तेल में कुछ ऐसे रासायनिक यौगिक होते हैं, जो पूरी तरह से शिशु के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

3- सरसों के तेल के लगातार सेवन से कई लोगों को राइनाइटिस हो सकता है। राइनाइटिस में बलग़म की झिल्ली में सूजन हो जाती है, जिससे खांसी, छींकना, भरी हुई नाक, नाक से पानी बहाना जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

4- कुछ लोगों को सरसों के तेल से एलर्जी भी हो सकती है। इसमें खुजली या सूजन की समस्या रहती है। इसलिए सरसों के तेल के सेवन के बाद अगर आपको इस तरह की परेशानी आ रही हैं, तो इसे खाने से बचें।

5- सरसों के तेल की मालिश करने से कई लोगों की त्वचा पर चकत्ते हो जाते हैं। साथ ही लंबे समय तक मालिश करने से त्वचा काली भी पड़ सकती है। कई लोगों को इससे शरीर में दाने भी निकल सकते हैं।

6-कई रिसर्च में साबित हुआ है कि सरसों के तेल में यूरिक एसिड की उच्च मात्रा (42% से 47%) पाई जाती है। जिसकी वजह से अगर भारी मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो, हृदय संबंधी समस्याएं, श्वसन संबंधी समस्याएं, दस्त, एनीमिया, कैंसर, कोमा और यहां तक ​​कि सबसे गंभीर मामलों में मौत भी हो सकती है।

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