Up kiran,Digital Desk : भारत‑अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार समझौते को लेकर एक विवाद सामने आया है। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा था कि भारत‑अमेरिका व्यापार समझौता इसलिए अटक गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। उनके अनुसार, कॉल न होने के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई और डील पूरी नहीं हो सकी।
इस दावे पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लुटनिक की यह व्याख्या “सटीक” नहीं है और यह कहना गलत होगा कि सिर्फ फोन न करने की वजह से डील अटक गई। भारत और अमेरिका ने 2025 के दौरान व्यापार बातचीत के कई दौर किए हैं और दोनों पक्ष संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
MEA ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 में कुल आठ बार फोन पर बात की है, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत‑अमेरिका साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस बयान का लक्ष्य यह दिखाना है कि वार्ता में संवाद की कमी नहीं थी।
विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत 13 फरवरी 2025 से जारी है और कई राउंड की बातचीत के बाद दोनों पक्ष कई बार समझौते के करीब भी आए थे। हालांकि कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन भारत और अमेरिका दोनों ही पारस्परिक लाभ और संतुलन वाली डील पर काम करने के इरादे में बने हुए हैं।
लुटनिक ने अपनी टिप्पणियों में कहा कि डील “तैयार” थी, लेकिन अंतिम चरण में मोदी द्वारा ट्रंप से बातचीत न किए जाने के कारण वह पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के बीच अमेरिका ने अन्य देशों जैसे इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ डील पर आगे बढ़ने का फैसला किया था।
भारत ने अपने बयान में दो देशों के बीच व्यापक संवाद और बेहतर साझेदारी की ओर इशारा किया है और कहा है कि दोनों अर्थव्यवस्थाएँ एक दूसरे के पूरक हैं। इसी आधार पर भारत संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा रखता है।




