हाथरस कांड- पहचान उजागर करने पर twitter, वेबसाइट पर एफआईआर दर्ज

उन्होंने कहा था कि धारा 228ए आईपीसी के अनुसार दुष्कर्म पीड़ित की पहचान का प्रकटीकरण दंडनीय अपराध है।

हाथरस प्रकरण में एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा की गयी शिकायत पर ट्विटर तथा शिकायत में अंकित कई वेबसाइट पर अब आईपीसी तथा आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

twitter

नूतन ने 29 सितम्बर को भेजी शिकायत में माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर पीड़ित का नाम लिए जाने, उसके नाम से ट्विटर पर विभिन्न हैशटैग चलाये जाने, पीड़ित की फोटो तथा वीडियो शेयर किये जाने आदि के सम्बन्ध में विधिक कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पीड़ित की फोटो के साथ ही उसकी पहचान को उजागर करते कई वीडियो भी यूट्यूब पर डाले गए हैं।

उन्होंने कहा था कि धारा 228ए आईपीसी के अनुसार दुष्कर्म पीड़ित की पहचान का प्रकटीकरण दंडनीय अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने भी निपुण सक्सेना केस में स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में दुष्कर्म पीड़ित की पहचान नहीं उजागर की जाए।

वहीं चंदपा थाना ने बुधवार को नूतन को अवगत कराया कि इस सम्बन्ध में अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मृतक लड़की के वास्तविक फोटो, वीडियो विभिन्न साइट से हटवाने को रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है।

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