Up kiran,Digital Desk : जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान वैश्विक कूटनीति का अहम क्षण देखने को मिला, जब चीन और अमेरिका के शीर्ष राजनयिक आमने-सामने बैठे। चीनी विदेश मंत्री Wang Yi और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच हुई इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नेताओं की सहमति को आगे बढ़ाने पर जोर
बैठक के बाद वांग यी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच हुई सहमति ने द्विपक्षीय रिश्तों को दिशा देने का काम किया है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों को आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
टकराव नहीं, संवाद पर सहमति
वांग यी ने स्पष्ट कहा कि संवाद टकराव से बेहतर है और सहयोग संघर्ष की तुलना में अधिक लाभकारी है। उनके मुताबिक, समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए मतभेदों को संभाला जा सकता है। दोनों देशों को साझा चिंताओं पर समाधान तलाशने और स्थिर संबंधों की दिशा में मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
रिश्तों को स्थिर और स्वस्थ बनाने की कोशिश
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों को सक्रिय रखने पर सहमति जताई। उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान बढ़ाने, विभिन्न क्षेत्रों में संवाद को मजबूत करने और संबंधों को सतत विकास की राह पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अहम संकेत
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हुई यह मुलाकात ऐसे समय आई है जब व्यापार, तकनीक, ताइवान और इंडो-पैसिफिक जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद रहे हैं। इसके बावजूद, हालिया बातचीत से संकेत मिला है कि दोनों पक्ष रिश्तों को संतुलित और स्थिर रखने के लिए संवाद का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।




