Up kiran,Digital Desk : अमेरिका और कोलंबिया के रिश्तों में एक बार फिर तीखी तल्खी देखने को मिल रही है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका ने उनके देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की कोशिश की, तो वे देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कोलंबिया को लेकर दिए गए बयानों के बाद यह विवाद और गहरा गया है। ट्रंप ने राष्ट्रपति पेट्रो को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें “सावधान रहने” की जरूरत है। उन्होंने पेट्रो पर कोकीन उत्पादन और तस्करी को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं के बीच बीते कई महीनों से बयानबाज़ी का सिलसिला जारी है।
जब ट्रंप से सीधे पूछा गया कि क्या अमेरिका कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है, तो उन्होंने बिना कोई ठोस जवाब दिए कहा कि “मुझे यह अच्छा लगता है।” यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य अभियान चलाकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क भेज दिया है, जहां उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।
ट्रंप की धमकियों के जवाब में राष्ट्रपति पेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा बयान जारी किया। पेट्रो, जो कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति हैं और कभी एम-19 गुरिल्ला संगठन से जुड़े रहे हैं, ने लिखा कि उन्होंने कसम खाई थी कि दोबारा हथियार नहीं उठाएंगे, लेकिन अगर देश की सुरक्षा का सवाल आया तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
अमेरिका की ओर से बिना किसी ठोस सबूत के पेट्रो पर ड्रग तस्करी से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने पेट्रो और उनके परिवार पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं और कोलंबिया को ड्रग विरोधी अभियान में सहयोगी देशों की सूची से भी बाहर कर दिया है।
अपने बयान में पेट्रो ने कोलंबिया की ड्रग विरोधी नीति का बचाव किया और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को खतरनाक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पुख्ता खुफिया जानकारी के बमबारी करने से आम नागरिकों, खासकर बच्चों की जान जा सकती है। उनका कहना था कि अगर किसानों को निशाना बनाया गया, तो हालात और बिगड़ेंगे और लोग हथियार उठाने पर मजबूर हो सकते हैं।
पेट्रो ने कैरेबियाई क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह तैनाती पहले ड्रग तस्करी के नाम पर शुरू हुई, फिर वेनेजुएला के तेल टैंकरों की जब्ती तक पहुंची और अब सीधे किसी देश के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी तक आ गई है। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को जन्म दे सकती है।
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