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Up kiran,Digital Desk : अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि तमाम मतभेदों के बावजूद अमेरिका और यूरोप के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं। बेसेंट ने व्यापारिक साझेदारों से अपील की कि वे हालात को शांत नजर से देखें और हालिया टैरिफ धमकियों से पैदा हुए तनाव को बढ़ने न दें।

दावोस में क्या बोले अमेरिकी वित्त मंत्री

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि मौजूदा हालात के बावजूद अमेरिका और यूरोप के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि साझेदार देशों को धैर्य रखने की जरूरत है और हालिया टैरिफ घोषणाओं को लेकर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों से आयात होने वाले सामान पर फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है।

ग्रीनलैंड मुद्दे से भड़का विवाद

दरअसल जिन यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की गई, उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के रुख के खिलाफ डेनमार्क का समर्थन किया था। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि चीन और रूस से बढ़ते खतरे को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। इसी मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव और गहरा गया है।

यूरोप में नाराजगी, जवाबी कदमों की तैयारी

ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बाद पूरे यूरोप में नाराजगी देखने को मिल रही है। यूरोपीय राजधानियों में राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई नेता जवाबी कार्रवाई पर मंथन कर रहे हैं। इसमें अमेरिकी उत्पादों पर पलटवार के तौर पर टैरिफ लगाने से लेकर यूरोपीय संघ के सख्त व्यापार नियमों के इस्तेमाल तक के विकल्प शामिल हैं।

अमेरिका पर दबाव बनाने के यूरोप के विकल्प

यूरोपीय संघ के पास अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए कई आर्थिक हथियार मौजूद हैं। पहला विकल्प नए जवाबी टैरिफ लगाना है। दूसरा, अमेरिका-ईयू व्यापार समझौते को आगे बढ़ने से रोकना। तीसरा और सबसे सख्त कदम तथाकथित ‘ट्रेड बजूका’ माना जा रहा है, जिसे औपचारिक रूप से ईयू का एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट कहा जाता है। इसके तहत उन देशों, कंपनियों या व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जो यूरोपीय संघ पर अनुचित दबाव डालते पाए जाते हैं।