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Up Kiran,Digital Desk: मध्य पूर्व एक बार फिर से उबाल पर है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज़ हो रहा है, और यह क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा पर भारी असर डाल सकता है। अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती ने न केवल राजनीतिक हलकों में चिंता का माहौल बनाया है, बल्कि आम लोगों के लिए भी यह एक डर और असुरक्षा का कारण बन चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य संघर्ष हुआ, तो ईरान अमेरिका जैसी महाशक्ति का सामना कितने समय तक कर पाएगा?

दोनों देशी की ताकत पर एक नजर

अमेरिका की सैन्य शक्ति दुनिया में सबसे मजबूत मानी जाती है। इसके पास आधुनिकतम हथियार, तकनीकी सुविधाएं और विशाल रक्षा बजट है। अमेरिका हर साल लगभग 895 बिलियन डॉलर अपनी रक्षा पर खर्च करता है, जो इसके कुल GDP का लगभग 3.4% है। इसके विपरीत, ईरान का रक्षा बजट केवल 15.5 बिलियन डॉलर है, जो GDP का महज़ 2.1% है। इस आंकड़े से साफ है कि अमेरिका की सैन्य ताकत ईरान के मुकाबले कहीं अधिक है, जो एक संभावित संघर्ष में उसे स्पष्ट बढ़त दिला सकती है।

सेना की संख्या: कौन कितने सैनिकों के साथ?

अमेरिका और ईरान के सक्रिय और रिजर्व सैनिकों की संख्या में भी भारी अंतर है। अमेरिका के पास 1,358,500 सक्रिय सैनिक हैं, जबकि ईरान के पास केवल 587,000। साथ ही, अमेरिका के पास 799,500 रिजर्व सैनिक भी हैं, जो ईरान के 200,000 रिजर्व सैनिकों से कहीं ज्यादा हैं। इस तरह, सेना की संख्या के मामले में अमेरिका का पलड़ा भारी है, और यह किसी भी संघर्ष में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक लाभ साबित हो सकता है।

हवाई शक्ति: हवा में कौन छा जाएगा?

हवाई मुकाबले की बात करें तो भी अमेरिका की बढ़त स्पष्ट रूप से सामने आती है। अमेरिका के पास 13,175 विमान हैं, जिनमें 3,318 लड़ाकू जेट और 6,417 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। वहीं, ईरान के पास केवल 551 विमान और 407 लड़ाकू जेट हैं। अमेरिका के पास एफ-35 और एफ-22 जैसे स्टील्थ टेक्नोलॉजी वाले विमानों का बेड़ा है, जो उसे हवाई युद्ध में एकदम श्रेष्ठ बनाता है। ईरान की हवाई शक्ति इस मुकाबले में काफी पीछे रह जाती है, जिससे हवा के युद्ध में अमेरिका को भारी लाभ मिल सकता है।

नौसैनिक शक्ति: समुद्र में मुकाबला

नौसैनिक ताकत भी एक अहम भूमिका निभाती है। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे आधुनिक नौसेना है, जिसमें 81 विध्वंसक, 11 एयरक्राफ्ट कैरियर और 440 विमान शामिल हैं। जबकि ईरान के पास ना तो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं और न ही विध्वंसक। ईरान की नौसैनिक ताकत सीमित है, जो उसे समुद्र के युद्ध में काफी कमजोर बनाती है। अमेरिका के पास अत्याधुनिक तकनीक से लैस मिसाइलें हैं, जो उसे समुद्र में मुकाबला करने में एक महत्वपूर्ण बढ़त देती हैं।

टैंक और तोपखाना: जमीन पर किसकी ताकत अधिक?

अमेरिका के पास 4,640 टैंक, 391,963 बख्तरबंद वाहन और 3,161 तोपखाना हैं, जबकि ईरान के पास 1,713 टैंक और 65,825 बख्तरबंद वाहन हैं। हालांकि अमेरिका के पास संख्या की दृष्टि से बढ़त है, लेकिन ईरान के पास कुछ खास रणनीतिक फायदे भी हो सकते हैं। ईरान के पास मोबाइल रॉकेट प्रोजेक्टर और टोएड आर्टिलरी है, जो क्षेत्रीय युद्ध में उसे कुछ लाभ दे सकते हैं। हालांकि, यह अमेरिका के भारी-भरकम सैन्य बल के मुकाबले काफी सीमित है।