अखिलेश बने 'भगवान कृष्ण' और समर्थक बना 'सुदामा'! रायबरेली की सड़कों पर अचानक क्यों गरमाया माहौल

अखिलेश बने 'भगवान कृष्ण' और समर्थक बना 'सुदामा'! रायबरेली की सड़कों पर अचानक क्यों गरमाया माहौल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने अभी से सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अपने हाईटेक 'PDA रथ' पर सवार होकर रायबरेली पहुंचे।

सपा के इस कदम को सीधे तौर पर मध्य उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक (PDA) वोट बैंक को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से इस अभियान की शुरुआत राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा बटोर रही है।

शहर में लगे 'कृष्ण-सुदामा' वाले पोस्टर से गरमाई सियासत

अखिलेश यादव के रायबरेली आगमन से ठीक पहले शहर के मुख्य मार्ग पर लगा एक विशाल पोस्टर चर्चा का केंद्र बन गया। सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव एडवोकेट विश्वास दुबे द्वारा लगाए गए इस पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में चित्रित किया गया है, जिसमें उनके सिर पर मोरपंख वाला मुकुट, पीले वस्त्र और हाथ में बांसुरी दिखाई दे रही है। वहीं, विश्वास दुबे ने खुद को सुदामा के रूप में दर्शाते हुए अखिलेश को 'PDA महानायक' बताया है।

पोस्टर पर लिखा गया—'मेरे माधव, आपका सुदामा की धरती रायबरेली में स्वागत है!' इससे पहले राजधानी लखनऊ स्थित सपा कार्यालय के बाहर भी एक पोस्टर सामने आया था, जिसमें अखिलेश को 2027 की जीत के लिए हनुमान जी का आशीर्वाद लेते हुए दिखाया गया था।

पोस्टर के बचाव में उतरे सपा विधायक, BJP पर साधा निशाना

इस पोस्टर को लेकर जब विवाद बढ़ा तो हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी इसके समर्थन में सामने आए। लोधी ने पोस्टर का पुरजोर बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी समाज को जातियों में बांटने और नफरत फैलाने की राजनीति करती है। अखिलेश को कृष्ण और कार्यकर्ता को सुदामा दिखाए जाने के सवाल पर लोधी ने तर्क दिया कि द्वापर युग से ही भगवान कृष्ण और सुदामा का अटूट मित्र भाव रहा है। यह स्नेह और निष्ठा की पुरानी परंपरा है, इसलिए ऐसे पोस्टर पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

विवादों के बीच विधायक राहुल लोधी के घर पहुंचे अखिलेश

तय कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव का 'PDA रथ' बछरावां होते हुए रायबरेली शहर और जीआईसी मैदान की ओर आगे बढ़ा। इस दौरान अखिलेश यादव सीधे हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर चाय पर पहुंचे। यह मुलाकात इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में रायबरेली में समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच तीखा टकराव हुआ था। उस दौरान विधायक राहुल लोधी ने स्थानीय पुलिस पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसे जिला पुलिस प्रशासन ने खारिज कर दिया था। इस घटनाक्रम के बाद अखिलेश का खुद विधायक के घर पहुंचना पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और उनके साथ मजबूती से खड़े होने का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

सामाजिक न्याय के प्रतीकों से सजा है विशेष 'PDA रथ'

सपा का यह 'PDA रथ' केवल एक वाहन नहीं बल्कि पार्टी के पूरे चुनावी एजेंडे का प्रतीक बना हुआ है। इस विशेष रथ पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर, समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया, छोटे लोहिया कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बड़े चित्र और सामाजिक न्याय से जुड़े नारे लगाए गए हैं। रायबरेली की जमीन से शुरू हुआ यह जनसंपर्क अभियान आने वाले दिनों में मध्य यूपी के अन्य जिलों में भी पार्टी कैडर को सक्रिय करने का काम करेगा।