1 करोड़ किसानों को फायदा, UP में 6 गुना बढ़ सकता है दुर्घटना बीमा कवर
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (एम-पैक्स / M-PACS) से जुड़े करोड़ों किसानों के सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 'जनता व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना' के तहत मिलने वाले अधिकतम बीमा कवर को मौजूदा ₹50 हजार से छह गुना बढ़ाकर सीधे ₹3 लाख करने का नया प्रस्ताव तैयार किया है।
सरकार के इस कल्याणकारी निर्णय से सूबे के लगभग 1 करोड़ सदस्य किसानों और उनके परिवारों को सीधे तौर पर एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच हासिल होगा। नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि किसानों को अपनी आर्थिक क्षमता और आवश्यकता के अनुसार बीमा कवर की राशि चुनने की पूरी आजादी दी जाएगी। किसान अब 50 हजार, 1 लाख, 1.5 लाख, 2 लाख, 2.5 लाख या 3 लाख रुपये तक के छह अलग-अलग विकल्पों में से किसी एक बीमा स्लैब का चयन कर सकेंगे।
महज ₹56 में ₹3 लाख का सुरक्षा कवच, देखें प्रीमियम का पूरा गणित
योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छोटे और सीमांत किसानों की जेब पर बिल्कुल भी बोझ न पड़े। इसके तहत बेहद मामूली और किफायती वार्षिक प्रीमियम दरें तय की गई हैं। यदि कोई किसान ₹50 हजार का न्यूनतम कवर चुनता है, तो उसे सालभर में महज ₹9.40 का प्रीमियम देना होगा। इसी तरह ₹1 लाख के कवर के लिए ₹18.80 और ₹2 लाख के बीमा कवर के लिए ₹37.40 का वार्षिक प्रीमियम निर्धारित किया गया है। वहीं ₹2.5 लाख के कवर के लिए ₹46.75 तथा अधिकतम ₹3 लाख के सुरक्षा कवर के लिए केवल ₹56 सालाना प्रीमियम चुकाना होगा। चाय के एक कप से भी कम खर्च में सालभर का 3 लाख रुपये का एक्सीडेंटल कवर मिलना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर मिलेगा 100% क्लेम, आंशिक पर 50 फीसदी राशि
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्भाग्यवश किसी सड़क, कृषि कार्य या अन्य आकस्मिक दुर्घटना में बीमित किसान की मृत्यु होने अथवा स्थायी पूर्ण दिव्यांगता (परमानेंट टोटल डिसेबिलिटी) की स्थिति में नामित आश्रित या पीड़ित को चुनी गई बीमा राशि का शत-प्रतिशत (100%) भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। वहीं यदि दुर्घटना के चलते किसान आंशिक रूप से दिव्यांग (पार्शियल डिसेबिलिटी) होता है, तो उसे निर्धारित कुल बीमित राशि का 50 प्रतिशत वित्तीय क्लेम दिए जाने का स्पष्ट वैधानिक प्रावधान रखा गया है, ताकि इलाज और पुनर्वास में कोई आर्थिक बाधा न आए।
2018 से संचालित है योजना, अब गैर-ऋणी किसानों को भी मिलेगा सीधा लाभ
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के सदस्यों के लिए जनता दुर्घटना बीमा योजना का संचालन वर्ष 2018 से लगातार किया जा रहा है। अब तक बीमा राशि ₹50 हजार तक सीमित होने के कारण कई किसान इसमें रुचि नहीं ले पाते थे, लेकिन अब बीमा कवर बढ़कर ₹3 लाख होने और प्रीमियम नगण्य रहने से योजना से जुड़ने वाले किसानों की संख्या में भारी उछाल आने की उम्मीद है। इस योजना का सबसे मानवीय और व्यावहारिक पहलू यह है कि इसका लाभ केवल पैक्स से अल्पकालिक या दीर्घकालिक फसली ऋण (KCC/Loan) लेने वाले किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि समिति के वे सभी सामान्य सदस्य किसान भी इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकते हैं जिन्होंने कोई कर्ज नहीं लिया है।