रायबरेली में अखिलेश की रथयात्रा से भड़की कांग्रेस, 150 सीटों की मांग पर सपा ने दिखाया 'जीत' का फॉर्मूला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता की हैट्रिक लगाने से रोकने के लिए विपक्षी दलों ने बिसात बिछानी शुरू कर दी है, लेकिन चुनावी बिगुल बजने से पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर तनातनी खुलकर सामने आ गई है।
2024 के लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले दोनों दल अब विधानसभा के दंगल में आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। कांग्रेस जहां पिछले समझौतों की तर्ज पर गठबंधन में बड़ा हिस्सा मांग रही है, वहीं लोकसभा नतीजों से उत्साहित अखिलेश यादव बड़े भाई की भूमिका में किसी भी तरह के दबाव में झुकने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
कांग्रेस की 150+ सीटों की मांग, 2017 के फॉर्मूले पर अड़े नेता
राजनीतिक गलियारों के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान आगामी विधानसभा चुनाव में 2017 के सीट शेयरिंग फॉर्मूले को आधार बनाकर 150 से अधिक सीटों पर दावेदारी की तैयारी में है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि राहुल गांधी के राष्ट्रीय उभार और लोकसभा नतीजों के बाद पार्टी का जनाधार बढ़ा है, इसलिए सीट बंटवारे पर जल्द से जल्द आधिकारिक मुहर लगनी चाहिए। इसके उलट, समाजवादी पार्टी का कैडर प्रदेश की अधिकांश सीटों पर सीधे चुनाव लड़ने का मन बना चुका है। अखिलेश यादव लगातार लोकसभा चुनाव की प्रचंड जीत की याद दिलाकर कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहे हैं और सीटों के बंटवारे में ज्यादा समझौते के मूड में नहीं हैं।
रायबरेली में अखिलेश की हुंकार: सिर्फ 'जीत की गारंटी' ही बनेगी आधार
सीटों की रस्साकशी के बीच अखिलेश यादव ने सीधे राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में 'पीडीए (PDA) रथ यात्रा' निकालकर बड़ा सियासी संदेश दे दिया है। रायबरेली की धरती से अखिलेश ने कांग्रेस को साफ शब्दों में सीट शेयरिंग का नया गणित समझाते हुए कहा कि गठबंधन जरूर रहेगा, लेकिन सीटों का वितरण केवल और केवल 'जीत की क्षमता' के आधार पर होगा। सपा प्रमुख ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि जिस सीट पर जिस पार्टी या उम्मीदवार के जीतने की पक्की संभावना होगी, टिकट उसी को दिया जाएगा, केवल संख्या के आधार पर सीटें नहीं बांटी जाएंगी।
रायबरेली के शक्ति प्रदर्शन पर भड़के अजय राय, कन्नौज-सैफई जाने का किया ऐलान
राहुल गांधी के गढ़ में अखिलेश यादव का यह शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस को बिल्कुल रास नहीं आया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि आज पूरा देश उम्मीद भरी नजरों से सिर्फ राहुल गांधी की ओर देख रहा है। दोनों दलों के बीच बढ़ती कड़वाहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अजय राय ने पलटवार करते हुए ऐलान कर दिया है कि अगर सपा रायबरेली में यात्रा निकाल रही है, तो कांग्रेस भी अखिलेश यादव के पारंपरिक गढ़ कन्नौज, सैफई और इटावा में जाकर जोरदार चुनावी प्रचार और रैलियां करेगी।