पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक मचेगी धूम, योगी सरकार के इन 4 नए एक्सप्रेसवे से बदल जाएगी पूरी तस्वीर
चीफ मिनिस्टर योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाले 22 अहम प्रस्तावों पर ऐतिहासिक मुहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फोकस राज्य की रोड कनेक्टिविटी को हाईटेक बनाना रहा, जिसके तहत 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है।
सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 51 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे (अनुमानित लागत ₹4,776 करोड़) को मंजूरी दी है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी की दूरी सिमट जाएगी और लखनऊ शहर को भारी ट्रैफिक से निजात मिलेगी। इसके साथ ही ₹7,489 करोड़ की लागत से 91 किलोमीटर लंबा फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा, जो इटावा से शुरू होकर हरदोई के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और इसे महज डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास और ओरछा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के लिए 115 किलोमीटर लंबा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और पश्चिमी यूपी से माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए नोएडा एयरपोर्ट को यमुना व गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला 74 किलोमीटर लंबा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे भी बनाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा योगी सरकार ने शिक्षा विभाग (बेसिक, माध्यमिक और संस्कृत स्कूल) के नॉन-टीचिंग कर्मचारियों व उनके आश्रितों को भी योग्य अस्पतालों में कैशलेस इलाज का बड़ा तोहफा दिया है जिससे उनके परिवारों को बीमारी के वक्त आर्थिक राहत मिलेगी।
प्रदेश में व्यापारिक सुगमता बढ़ाने के लिए स्टाम्प एवं निबंधन मंत्री रवींद्र जायसवाल के प्रस्ताव पर कंपनियों के मर्जर और डीमर्जर रजिस्ट्रेशन के लिए नया पारदर्शी फ्रेमवर्क मंजूर किया गया है, जिसमें शेयरों की कीमत पर महज 0.5 प्रतिशत की स्टाम्प ड्यूटी लगेगी।
इसके अलावा मैनपुरी सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर मुफ्त जमीन, राज्य में आधुनिक साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना, लखनऊ-हरदोई में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, एक अत्याधुनिक रोबोटिक्स पार्क, पेयजल परियोजनाएं और झांसी-ललितपुर में वेयरहाउस बनाने के लिए मुफ्त जमीन देने जैसे कई दूरगामी फैसले लिए गए हैं जो नए उत्तर प्रदेश की विकास गाथा लिखेंगे।