यूपी बीजेपी को बड़ा झटका! कद्दावर विधायक अनिल शर्मा का निधन, इस बीमारी से थे पीड़ित

यूपी बीजेपी को बड़ा झटका! कद्दावर विधायक अनिल शर्मा का निधन, इस बीमारी से थे पीड़ित

उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर विधायक और पूर्व राज्य मंत्री अनिल शर्मा (63) का बुधवार को निधन हो गया। वे काफी समय से कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।

अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच लंबा संघर्ष करने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा है, जहां गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम विदाई संपन्न होगी।

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वरिष्ठ विधायक के असमय निधन की सूचना मिलते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत नेता के पुत्र कुश शर्मा से फोन पर बातचीत की और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल सूचित किया जा सकता है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री और शिकारपुर से वर्तमान विधायक अनिल शर्मा का जाना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रभु श्री राम के चरणों में प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दुख सहने का संबल देने की कामना की।

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शिकारपुर क्षेत्र के सूरजावली गांव के मूल निवासी अनिल शर्मा ने अपने सार्वजनिक जीवन की नींव एकदम जमीनी स्तर से रखी थी। उन्होंने राजनीति का ककहरा अपने गांव की चौपाल से सीखा और वर्ष 1989 में पहली बार अपने पैतृक गांव सुरजावली के निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए।

ग्रामीणों के बीच उनकी सहज उपलब्धता और लोकप्रियता का नतीजा रहा कि वे लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए भी निर्विरोध प्रधान बने रहे। इसके बाद उन्होंने प्रांतीय राजनीति की ओर रुख किया और वर्ष 2002 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सिंबल पर खुर्जा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा की दहलीज लांघी।

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क्षेत्रीय राजनीति में लगातार अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने वाले अनिल शर्मा ने 2007 के चुनाव में भी बसपा के टिकट पर खुर्जा से लगातार दूसरी बार शानदार जीत हासिल की। इसके बाद परिसीमन के चलते उन्होंने वर्ष 2012 में शिकारपुर विधानसभा सीट से भाग्य आजमाया, लेकिन बेहद कड़े मुकाबले में उन्हें सपा प्रत्याशी से शिकस्त झेलनी पड़ी।

बाद में वे भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक मंच से जुड़े और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर शिकारपुर से प्रचंड जीत दर्ज की। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल (2017-2022) के दौरान उन्होंने प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जंतु उद्यान राज्य मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जनता ने उन पर भरोसा जताते हुए दोबारा शिकारपुर से विधायक निर्वाचित किया। उनके निधन की खबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय जनता में गहरा शोक व्याप्त है।