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बनारस के पास उभरी अपराध की नई नर्सरी, महाकाल, सूर्या सरकार और RDX जैसे 165 नए गैंगों का सनसनीखेज खुलासा

उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के पूरी तरह सफाए के तमाम सरकारी दावों के बीच पूर्वांचल के जमीनी हालात कुछ और ही गवाही दे रहे हैं। यूपी पुलिस के ताबड़तोड़ एनकाउंटर्स और सख्त कार्रवाई के बावजूद जमीन पर नए और बेखौफ अपराधियों की एक नई खेप तैयार हो गई है। वाराणसी (बनारस) रेंज से सटे सिर्फ तीन जिलों—गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर में पुलिस की एक गुप्त पड़ताल में बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस इलाके में 'महाकाल', 'सूर्या सरकार', 'आरडीएक्स' और 'मुखिया' जैसे बेहद अजीबोगरीब और 'भौकाली' नामों से 165 नए क्रिमिनल गैंग एक्टिव हो चुके हैं। रेंज पुलिस की हालिया तफ्तीश के बाद इन नए गिरोहों के सरगनाओं समेत कुल 1080 शातिर सदस्यों की एक विस्तृत ब्लैक लिस्ट तैयार की गई है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

होटल कारोबारी के बेटे की हत्या और 'कटरा गैंग' के सुराग ने खोली पोल

दरअसल, इस पूरे खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ गाजीपुर में हुए एक नामी होटल कारोबारी के बेटे की सनसनीखेज हत्या के बाद हुआ। इस हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के हाथ 'कटरा गैंग' नाम के एक नए और उभरते हुए गिरोह के सुराग लगे। इसके बाद डीआईजी रेंज वैभव कृष्ण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजीपुर के साथ-साथ पड़ोसी जिले चंदौली और जौनपुर में भी सक्रिय नए और छोटे-छोटे आपराधिक गिरोहों को चिन्हित कर उनके खात्मे का सख्त आदेश जारी किया।

'ऑपरेशन वज्रपात' से पुलिस ने कसा शिकंजा, 23 शातिर भेजे गए जेल

पूर्वांचल की धरती से अपराध की इस नई नर्सरी को जड़ से उखाड़ने के लिए रेंज पुलिस ने 1 जून से 5 जून तक 'ऑपरेशन वज्रपात' (Operation Vajrapath) नाम से एक महा-अभियान चलाया। इस 5 दिनों के विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद 165 नए गैंग्स का पूरा कच्चा चिट्ठा तैयार किया। इन गिरोहों के कुल 1080 सक्रिय सदस्यों की कुंडली खंगाली गई, जिनमें से 94 अपराधियों के खिलाफ तत्काल नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 23 बेहद शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। डीआईजी के निर्देश पर इन सभी गैंग के सदस्यों के मोबाइल नंबर, उनके मददगारों की सूची और सोशल मीडिया हैंडल्स का पूरा बैकग्राउंड डेटा बेस तैयार किया जा रहा है।

जौनपुर में 'चाकू' और 'टीम दादा' समेत 56 गैंग का आतंक

अगर जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो जौनपुर जिला नए अपराधियों का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। जौनपुर में महाकाल (राजनिवंद), सूर्या सरकार, मनी सरकार 307, टीम दादा, यदुवंशी, चाकू गैंग अमरेथुआ, गैंग ऑफ पटैला, मेढ़ा, सिकरारा, बदलापुर और सुजानगंज चोर गैंग जैसे कुल 56 नए गिरोह लिस्टेड किए गए हैं। इन गिरोहों में सरगना और सदस्यों को मिलाकर कुल 423 अपराधी शामिल हैं। पुलिस ने यहां 10 नए केस दर्ज कर 8 बदमाशों को दबोच लिया है।

गाजीपुर में 'आरडीएक्स' और 'पैंथर' तो चंदौली में 'अहिरान किंग' और 'ठकुरान' का दबदबा

गाजीपुर जिले में शुभम यादव गैंग, आरडीएक्स पासवान, हंटर, पैंथर, स्वान, शौकत कुरैशी, विजय सिंह शूटर, राधे-राधे, मुजम्मिल, किंग ऑफ 9099, कारोबारी और नगसर गैंग जैसे 45 गिरोहों की पहचान हुई है, जिनमें 401 अपराधी शामिल हैं। यहां सबसे ज्यादा 35 मुकदमे दर्ज कर 11 आरोपियों को जेल भेजा गया है। वहीं दूसरी तरफ, चंदौली जिले में जातिगत और क्षेत्रीय दबदबे के नाम पर किशन रंगदार, मुखिया, समरेंद्र माफिया, अहिरान किंग, राजपुताना, ठकुरान, बिक्सर चौहान, शक्तिमान, डी-गैंग और विराट नाम से कुल 64 सबसे ज्यादा गैंग सामने आए हैं, जिनमें कुल 265 सदस्य एक्टिव हैं।

जाति, क्षेत्र और सोशल मीडिया रील्स के जरिए फैलाई जा रही है दहशत

जांच में यह भी सामने आया है कि ये नए उम्र के लड़के केवल बंदूकों के दम पर नहीं, बल्कि जातिगत पहचान और क्षेत्रीय वर्चस्व के नाम पर युवाओं को अपने गिरोह में शामिल कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये सभी आपराधिक गिरोह फेसबुक लाइव, इंस्टाग्राम रील्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए व्यापारियों को रंगदारी के लिए धमकाना, हथियारों का भौकाल दिखाना और अपनी आपराधिक वारदातों की रील्स बनाकर दहशत फैलाना इनका मुख्य पेशा बन चुका है। पुलिस ने जौनपुर के आयुष यादव राइडर रुकुपुर, आनंद गुप्ता 325, निशांत तिवारी 302 और गाजीपुर के '009 यदुवंशी ब्रांड', 'रेवतीपुर गैंग-1' और व्हाट्सएप के '2929 व 7074 गैंग' जैसे सोशल मीडिया ग्रुप्स पर अपनी निगरानी और कार्रवाई और ज्यादा तेज कर दी है।

 

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