यूपी की बहुमंजिला इमारतों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, लखनऊ के टुंडे कबाबी और मोती महल समेत कई बड़े प्रतिष्ठान डिफाल्टर
देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भयंकर आग लगने और उसमें 21 लोगों की दर्दनाक मौत होने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बड़े हादसे से सबक लेते हुए यूपी में भी तुरंत बड़े पैमाने पर एक्शन शुरू करवा दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के सभी होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के पुख्ता इंतजामों की सघन और गहन जांच करने का एक बड़ा निर्देश जारी किया है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनसुरक्षा के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ और वाराणसी समेत राज्य के तमाम बड़े और संवेदनशील जिलों में इस आदेश के बाद प्रशासनिक और अग्निशमन टीमों ने औचक छापेमारी शुरू कर दी है, जिससे व्यापारियों और होटल मालिकों में हड़कंप मच गया है।
सीएम योगी का सख्त आदेश: लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी, समय पर देनी होगी सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी विकास प्राधिकरणों, पुलिस प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अग्निशमन विभाग को एक साथ मिलकर पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर हर एक बहुमंजिला इमारत और होटल में जाकर वहां लगे अग्नि शमन उपकरणों की बारीकी से जांच की जाए। सीएम योगी ने सभी संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि वे होटलों की सुरक्षा जांच कर उनकी 'फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट' निर्धारित समय सीमा के भीतर सीधे सरकार के सामने पेश करें। इस महत्वपूर्ण विषय की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री बहुत जल्द ही अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक भी करने जा रहे हैं।
लखनऊ में भारी हड़कंप: डीजी फायर खुद फीता लेकर नापने पहुंचे सीढ़ियां, टुंडे कबाबी और रोवर्स में मिलीं गंभीर खामियां
राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री के आदेश का असर बुधवार की शाम से ही दिखने लगा, जहां गुरुवार को भी दिनभर बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया गया। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद पुलिस महानिदेशक (DG Fire) सुजीत पांडेय अपनी टीम के साथ गोमतीनगर के विराजखंड स्थित होटलों का औचक निरीक्षण करने जमीन पर उतरे। डीजी फायर ने कई होटलों में लगे फायर सिस्टम में पानी का प्रेशर चेक किया और दबाव बेहद कम पाए जाने पर प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने होटल के किचनों, एंट्री और एग्जिट गेटों का मुआयना किया और खुद फीता पकड़कर सीढ़ियों की लंबाई-चौड़ाई के तय मानकों को नापा।
लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल 35 बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स की जांच की गई, जिसमें से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जांच में 35 में से 25 नामी प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह फेल पाए गए। इसमें लखनऊ के बेहद मशहूर खान-पान केंद्र जैसे टुंडे कबाबी, रोवर्स, मोती महल डीलक्स और होटल विश्वनाथ शामिल हैं।
अग्निसुरक्षा के मानकों की अनदेखी पर जारी होगा कानूनी नोटिस, सीएफओ ने दी चेतावनी
इस पूरी कार्रवाई को लेकर पुलिस महानिदेशक सुजीत पांडेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब भी किसी व्यावसायिक भूखंड का नक्शा पास होता है, तो उसमें फायर सेफ्टी के कड़े नियम होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। चीफ फायर ऑफिसर (CFO) और एफएसओ (FSO PGI) माम चंद्र बड़गूजर की मौजूदगी में की गई इस जांच के बाद लखनऊ के इन सभी 25 डिफाल्टर होटलों और रेस्टोरेंट्स को शुक्रवार (5 जून) को आधिकारिक कानूनी नोटिस जारी किया जा रहा है। सीएफओ ने चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के बाद अगर तय समय सीमा के भीतर इन प्रतिष्ठानों ने अपनी कमियों और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त नहीं किया, तो उनके खिलाफ प्रतिष्ठान को सील करने और कानूनी मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाबा की नगरी वाराणसी में भी महाअभियान: 34 होटलों और होम स्टे की जांच में 10 मिले डिफाल्टर
राजधानी लखनऊ के साथ-साथ धर्मनगरी वाराणसी में भी मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में चार अलग-अलग टीमों ने मोर्चा संभाला। वाराणसी के भेलूपुर, परेड कोठी, कोतवाली, छावनी (कैंट), नदेसर और बाबतपुर जैसे व्यस्त और रिहायशी इलाकों में एक साथ चेकिंग अभियान चलाया गया। यहाँ की टीमों ने चेतगंज, कोतवाली, भेलूपुर और पिंडरा के क्षेत्रों में कुल 34 होटलों और गेस्ट हाउसों की सघन जांच की। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस जांच के दायरे में 8 होम स्टे (Home Stay) भी शामिल थे। वाराणसी में हुई इस बड़ी कार्रवाई में कुल 34 में से 10 होटलों और गेस्ट हाउसों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम अधूरे और दोषपूर्ण पाए गए हैं, जिन्हें चिन्हित कर अब विभाग आगे की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।