सड़क, सुरक्षा और किसान; योग सरकार ने बताया 9 साल में क्या-क्या बदला

सड़क, सुरक्षा और किसान; योग सरकार ने बताया 9 साल में क्या-क्या बदला

उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और जमीनी बदलावों को लेकर राज्य सरकार ने एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों के दौरान आए बड़े सकारात्मक और व्यवस्थागत सुधारों को रेखांकित किया गया है।

CM योदी का स्पष्ट मानना है कि राज्य में कानून के राज की बहाली और मजबूत कानून-व्यवस्था ने आम नागरिक के मन में सुरक्षा का भाव पैदा किया है। इसके साथ ही विश्वस्तरीय सड़कों, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से जनजीवन सुगम हुआ है। वहीं दूसरी ओर, अन्नदाता किसानों के कल्याण को केंद्र में रखकर लागू की गई नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार आया है और किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी व सीधा लाभ मिल रहा है।

2017 से पहले का यूपी: खौफ का साया, दंगों का दंश और बदहाल सड़कें

साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान बदहाल कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता और बेखौफ गुंडागर्दी के रूप में बनी हुई थी। प्रदेश में आए दिन सांप्रदायिक दंगे भड़कना और शहरों में महीनों तक कर्फ्यू लगे रहना एक सामान्य बात बन चुकी थी। उपद्रवियों और संगठित अपराधियों का आतंक इस कदर था कि टैक्सी और ऑटो चालक तक अपनी जान-माल को लेकर असुरक्षित महसूस करते थे। मेरठ जैसे पश्चिमी यूपी के औद्योगिक शहरों में चोरी के वाहनों को काटकर उनके कलपुर्जे खुलेआम बेचने का अवैध सिंडिकेट पूरी ताकत से सक्रिय था। आम जनता के वाहन तो दूर, किसानों की भैंसा गाड़ियां और खेतों में लगी बिजली की मोटरें तक चोरी हो जाती थीं। ग्रामीण और शहरी सड़कें इतनी खस्ताहाल थीं कि राहगीरों का चलना दूभर था, वहीं गन्ना किसानों को अपनी खून-पसीने की फसल के भुगतान और उचित मूल्य के लिए चीनी मिलों के सालों-साल चक्कर काटने पड़ते थे।

जीरो टॉलरेंस से कानून-व्यवस्था में सुधार, 14 लाख सीसीटीवी कैमरों से निगहबानी

साल 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने प्रदेश की सुरक्षा और चौतरफा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसके चलते आज दंगा और कर्फ्यू का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पूरे राज्य में लगभग 14 लाख सीसीटीवी कैमरों का विशाल ग्रिड तैयार किया गया है, जिसकी मदद से पुलिस बल हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखकर त्वरित और सख्त कार्रवाई कर रहा है। सुरक्षा के इस सुदृढ़ माहौल ने राज्य में निवेश और व्यापार के नए अवसरों के द्वार खोले हैं।

देश के 60 फीसदी एक्सप्रेसवे अकेले यूपी में, चमचमाती सड़कों से बदली तस्वीर

कनेक्टिविटी और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व छलांग लगाई है। आज गांवों से लेकर जिला मुख्यालयों और सीमावर्ती पड़ोसी राज्यों को आपस में जोड़ने के लिए चौड़ी फोर-लेन सड़कों और विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का सघन जाल बिछाया जा चुका है। मौजूदा समय में समूचे देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश की धरती पर मौजूद है। एक्सप्रेसवे के इस नए नेटवर्क ने यात्रा के समय को कई घंटे घटा दिया है और प्रदेशवासियों के सफर को सुरक्षित, सुगम और बाधा रहित बना दिया है।

122 चीनी मिलें चालू, 4 दिन में भुगतान और किसानों को 3.30 लाख करोड़ का रिकॉर्ड ट्रांसफर

कृषि क्षेत्र और विशेषकर गन्ना बेल्ट के किसानों की समृद्धि के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सभी 122 चीनी मिलें अपनी पूरी क्षमता के साथ पेराई कार्य कर रही हैं, जिनमें से 100 से अधिक मिलें किसानों को महज चार दिनों के भीतर उनके बकाए का भुगतान सुनिश्चित कर रही हैं। पिछली सरकारों के कार्यकाल में जहां 29 चीनी मिलें कबाड़ के भाव बिक गईं या बंद हो गई थीं, वहीं मौजूदा शासन के पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक गन्ना मूल्य भुगतान सीधे खातों में किया गया है। किसानों को अब बिना किसी बिचौलिए के पारदर्शी पर्ची प्रणाली, धर्मकांटों पर सही तौल और भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है।