यूपी में मानसून का तगड़ा एक्शन: 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आकाशीय बिजली गिरने से 8 की मौत
कानपुर/लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश में आखिरकार मानसून ने अपनी जोरदार दस्तक दे दी है। बुधवार को सूबे के कई हिस्सों में बादलों ने डेरा डाला और जमकर बरसे, जिससे महीनों से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इस खुशनुमा मौसम के साथ एक दर्दनाक खबर भी आई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को कानपुर नगर समेत प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
झांसी में सबसे ज्यादा बरसे बदरा, कानपुर में छा रहा अंधेरा
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 5 दिनों तक यूपी में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। बुधवार को सबसे ज्यादा बारिश झांसी में 51.6 मिमी रिकॉर्ड की गई, जिसे आमतौर पर 'हीट डोम' क्षेत्र माना जाता है। वहीं कानपुर में दिन में ही घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया और करीब 08.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की उत्तरी रेखा इस समय मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या और मेरठ से होकर गुजर रही है, जो अगले 72 घंटों में पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लेगी। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी दस्तक देने की तैयारी में है।
आकाशीय बिजली का कहर: धान की रोपाई कर रहे लोग आए चपेट में
बारिश के दौरान यूपी के कई जिलों में बिजली काल बनकर गिरी। सबसे बड़ा हादसा मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र में हुआ, जहां खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर तेज बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे छिप गए थे। तभी अचानक बिजली गिरने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा पूर्वांचल के बलिया में सबसे ज्यादा 3 लोगों की जान गई, जबकि वाराणसी, सुल्तानपुर और आजमगढ़ में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है। सुल्तानपुर में भी धान की रोपाई के दौरान पेड़ के नीचे खड़े 4 बच्चों समेत 8 लोग बुरी तरह झुलस गए। प्रशासन ने सभी मृतकों के परिवारों को दैवीय आपदा राहत कोष से तुरंत आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
दो दिन झमाझम के बाद फिर सताएगी उमस, जून में 54% कम बरसा पानी
मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार को तो राज्य में अच्छी बारिश होगी, लेकिन शनिवार से बादलों की आवाजाही के बीच बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हो सकती है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार जून का महीना काफी सूखा रहा है; यूपी में सामान्य से 54 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह कमी 58% तक रही। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जुलाई महीने में भी इस साल औसत से कम बारिश होने का अनुमान है, जिसके चलते आने वाले दिनों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।