यूपी चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस में घमासान: इमरान मसूद ने दी बंगाल जैसी नसीहत, तो भड़के धर्मेंद्र यादव बोले- 'अखिलेश ही बनेंगे CM'
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तमाम राजनीतिक दलों ने जमीन पर अपनी रणनीति और प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है, लेकिन दूसरी तरफ विपक्षी खेमे में चुनाव से पहले ही दरारें खुलकर सामने आने लगी हैं।
'इंडिया' गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगी दल—समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस—सीट शेयरिंग के संवेदनशील मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच शुरू हुई तीखी बयानबाजी अब खुले टकराव में बदलती दिख रही है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद धर्मेंद्र यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस आलाकमान को अपने नेताओं को संयम में रहने की नसीहत दे डाली है।
इमरान मसूद की सीट शेयरिंग वाली मांग से भड़का विवाद
विपक्षी गठबंधन के भीतर रार की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे की प्रक्रिया को अविलंब पूरा करने की मांग उठाई। इमरान मसूद ने सीधे तौर पर कहा था कि अखिलेश यादव को यह भली-भांति समझ लेना चाहिए कि समय तेजी से निकल रहा है, इसलिए यदि गठबंधन को गंभीरता से आगे ले जाना है तो सीटों का बंटवारा बिना किसी देरी के जल्द से जल्द कर लेना चाहिए। मसूद के इस अल्टीमेटम भरे बयान के बाद समाजवादी पार्टी पूरी तरह आक्रामक मुद्रा में आ गई और पार्टी के सांसदों ने मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस पर तीखा जवाबी हमला बोल दिया।
'अकेले दम पर कुछ नहीं कर पाएगी कांग्रेस', इकरा हसन का तीखा पलटवार
इमरान मसूद के बयान का जवाब देने के लिए सबसे पहले कैराना से सपा सांसद इकरा हसन मैदान में उतरीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस को किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को रोकने और हराने की ताकत सिर्फ और सिर्फ अखिलेश यादव के पास है। इकरा हसन ने दो टूक कहा, "मुझे लगता है कि अगर यूपी में कोई व्यक्ति भाजपा को हराने की क्षमता रखता है, तो वह केवल अखिलेश यादव जी हैं। कांग्रेस अपने दम पर राज्य में कुछ नहीं कर पाएगी। अगर गठबंधन कायम रहता है तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर गठबंधन टूटता है तो इसका सीधा नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ेगा, समाजवादी पार्टी को नहीं।"
धर्मेंद्र यादव की दो टूक: 'अखिलेश ही बनेंगे सीएम, किसी को शक है तो इंतजार करे'
विवाद में आगे कदम बढ़ाते हुए सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी कांग्रेस को आईना दिखाया। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने नेताओं को समझाना चाहिए कि सार्वजनिक मंचों पर क्या बयान देना है और क्या नहीं। उन्होंने आगे कहा, "हमें पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की एकजुटता के चलते ही 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को ऐतिहासिक सफलता मिली थी। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन को उससे भी बड़ी और प्रचंड जीत मिलने जा रही है। प्रचंड बहुमत के साथ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। इस बात पर किसी को भी तनिक शंका नहीं होनी चाहिए और जिन्हें शंका हो रही है, वे सिर्फ इंतजार करें और परिणाम देखें।"
इमरान मसूद ने दी टीएमसी की मिसाल: 'साथ मिलकर चलिए, सुकून में रहेंगे'
समाजवादी पार्टी के सांसदों के कड़े हमलों के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद एक बार फिर मुखर हुए और उन्होंने सपा को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सियासी घटनाक्रम की याद दिला दी। मसूद ने तंज भरे लहजे में पलटवार करते हुए कहा, "देखिए कौन क्या कह रहा है और कौन क्या नहीं कह रहा, इस पर ज्यादा जाने की जरूरत नहीं है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के लोग भी चुनाव से पहले बहुत कुछ कह रहे थे, लेकिन अंत में हश्र देख लीजिए क्या हुआ। इसलिए सबको साथ मिलकर चलना चाहिए, तभी सब सुकून में रहेंगे।" दोनों दलों के बीच शुरू हुई इस जुबानी खींचतान ने गठबंधन के भविष्य पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।